कांता मीणा के नामांकन वापसी से भाजपा के पक्ष में मजबूत हुआ गणित, अल्केश पवन वैष्णव की ताजपोशी का रास्ता लगभग साफ
भाजपा के 15 पार्षदों के साथ निर्दलीयों का समर्थन, कांग्रेस के पास सिर्फ 3 पार्षद; अध्यक्ष पद के चुनाव में बदला पूरा समीकरण
अलकेश पारीक
जहाजपुर, स्मार्ट हलचल। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में शुक्रवार को सामने आए घटनाक्रम ने चुनावी तस्वीर को लगभग साफ कर दिया है। निर्दलीय प्रत्याशी कांता मीणा ने अपना नामांकन वापस लेकर भाजपा प्रत्याशी अल्केश पवन वैष्णव के समर्थन का ऐलान कर दिया। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी गणित काफी मजबूत हो गया है।
पालिका में भाजपा के 15 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास महज 3 पार्षद हैं। वहीं निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी भाजपा प्रत्याशी को मिल चुका है। ऐसे में संख्या बल भाजपा के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है और अल्केश पवन वैष्णव का अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।
नामांकन वापसी ने पलटा पूरा चुनावी गणित
शुरुआत में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव काफी दिलचस्प नजर आ रहा था। लेकिन जैसे-जैसे समीकरण सामने आए, तस्वीर बदलती गई। अब कांता मीणा के नामांकन वापस लेने और भाजपा के समर्थन में आने के बाद भाजपा खेमे के पास संख्या बल और समर्थन दोनों दिखाई दे रहे हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से प्रमोद देवी शर्मा मैदान में हैं। कांग्रेस के पास तीन पार्षद होने के कारण उसका संख्याबल भाजपा की तुलना में काफी कम है। ऐसे में चुनावी मुकाबले से ज्यादा चर्चा अब अध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर हो रही है।
कुर्सी पर भाजपा का दावा मजबूत, औपचारिकता बाकी
जहाजपुर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव अब औपचारिक मतदान की ओर बढ़ रहा है। भाजपा के 15 पार्षदों के साथ निर्दलीयों का समर्थन मिलने के बाद अल्केश पवन वैष्णव के पक्ष में बहुमत का गणित मजबूत दिखाई दे रहा है।
हालांकि अध्यक्ष पद का अंतिम फैसला निर्धारित चुनाव प्रक्रिया और मतदान के बाद ही आधिकारिक रूप से होगा। फिलहाल जहाजपुर की सियासत में सबसे बड़ी चर्चा यही है कि नामांकन वापसी और निर्दलीयों के समर्थन के बाद अध्यक्ष की कुर्सी तक अल्केश पवन वैष्णव का रास्ता लगभग साफ हो गया है।