87.60% मतदान ने बढ़ाई सियासी धड़कनें, पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी से गरमाया जहाजपुर

जहाजपुर अलकेश पारीक

 

जहाजपुर।स्मार्ट हलचल|नगर पालिका चुनाव में शुक्रवार को मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया। मतदान समाप्त होने तक 87.60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। भारी मतदान के बाद जहां प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया, वहीं अब परिणाम से पहले जहाजपुर का सियासी पारा चढ़ने लगा है। चुनाव मैदान में उतरे प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है, जिससे चुनावी चर्चाओं को और हवा मिल गई है।सुबह मतदान शुरू होने के साथ ही नगर के विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें नजर आईं। महिला और पुरुष मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। दिनभर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही और शाम तक मतदान का आंकड़ा 87.60 प्रतिशत तक पहुंच गया। मतदाताओं की इस बड़ी भागीदारी ने सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के चुनावी गणित को नए सिरे से उलझा दिया है।

मतदान समाप्त होने के साथ ही अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजरें वार्डवार मतदान प्रतिशत और अपने-अपने बूथों पर पड़े मतों के आंकड़ों पर टिक गई हैं। समर्थकों के बीच जीत-हार को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। कहीं अपने प्रत्याशी की मजबूत स्थिति के दावे किए जा रहे हैं तो कहीं मतदान प्रतिशत को अपने पक्ष में बताते हुए जीत का गणित बैठाया जा रहा है।

प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी से बढ़ी हलचल

भारी मतदान के बाद अब सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने पार्षद उम्मीदवारों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी किए जाने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पार्टी नेतृत्व अपने-अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने के साथ-साथ चुनाव परिणाम तक रणनीति को सुरक्षित रखने में जुटा हुआ है।

नगर पालिका में बहुमत का आंकड़ा किस दल के पक्ष में जाता है, इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच अंदरखाने मंथन शुरू हो गया है। खास बात यह है कि कई वार्डों में मुकाबला नजदीकी माना जा रहा है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी परिणाम के बाद महत्वपूर्ण हो सकती है।

ईवीएम में बंद हुआ प्रत्याशियों का भाग्य

मतदान समाप्त होने के साथ ही प्रत्याशियों का चुनावी अभियान थम गया और उनका भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। अब 87.60 प्रतिशत मतदान के बाद सभी की निगाहें मतगणना और परिणाम पर टिकी हैं। किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, कौन से प्रत्याशी बाजी मारेंगे और नगर पालिका की सत्ता किसके हाथ आएगी—इन सवालों को लेकर जहाजपुर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

मतदान के बाद अब चुनावी मैदान में भले ही खामोशी नजर आए, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हलचल लगातार बढ़ रही है। प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने स्तर पर वार्डवार आंकड़ों का विश्लेषण करने में जुटे हैं। अब असली तस्वीर मतगणना के दिन ही साफ होगी, जब ईवीएम खुलेंगी और जहाजपुर की जनता का जनादेश सामने आएगा।