भीलवाड़ा । जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग भीलवाड़ा ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनते हुए विपक्षीगण मेसर्स जीना सीखो लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड व वंशिका एंटरप्राइजेज को आदेश दिया कि वह 2 माह में परिवादी अशोक कुमार पेशवानी को क्षतिपूर्ति राशि 50000 रुपए व अधिवक्ता शुल्क 5000 कुल 55000 रुपए अदा करे|
मामले के तथ्य इस प्रकार हे कि विपक्षी संख्या 1 मेसर्स जीना सीखो ने अपने विज्ञापन में बताया कि उसके द्वारा निर्मित औषधियों का उपयोग करने व योग प्राणायाम करने से स्वास्थ्य लाभ व मानसिक शांति प्राप्त होती है विपक्षी के विज्ञापन से प्रभावित होकर का परिवादी अशोक कुमार पेशवानी ने विपक्षी संख्या 1 जीना सीखो से “डॉ. शुद्धि पैकेज” राशि 4200 रुपए का ऑर्डर किया जिस पर परिवादी को प्राप्त पैकेज में 4 प्रकार की औषधियों का सेवन बताएं अनुसार परिवादी ने आहार-व्यवहार, योग, प्राणायाम, भोजन का पालन किया लेकिन औषधि सेवन के 10 दिन बाद परिवादी को थकावट, बेचैनी व खुजली की शिकायत हुई तो उन्होंने विपक्षीगण से संपर्क किया तो विपक्षीगण ने बताया कि आपके शरीर की सुधार प्रक्रिया चल रही है, उक्त लक्षण कोई बीमारी नहीं है, आप औषधि का सेवन करते रहे, लाभ होगा| विपक्षीगण के आश्वासन पर औषधि का निरंतर सेवन करने से परिवादी को थकावट, बेचैनी, दर्द, फोड़े-फुंसी व अन्य शारीरिक शिकायत व गंभीर समस्या होने लगी तो परिवादी ने राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय भीलवाड़ा में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने औषधियों को तुरंत बंद करने को कहा ओर कहा कि आपको दोषपूर्ण औषधियां विक्रय की गई है इस कारण आपके समस्या हुई है ये औषधीय स्वास्थ्यवर्धक न होकर मानव जीवन के लिए संकटमय पदार्थ है| इस पर परिवादी ने विपक्षीगण को 30/1/21 को उक्त सम्बन्ध में नोटिस भेजा तो विपक्षीगण ने कोई विधिक जवाब नहीं देकर कार्यवाही नहीं करने व तुच्छ राशि लेकर मामला रफा दफा करने को कहा तो परिवादी ने उसको हुईं शारीरिक, मानसिक संताप की क्षतिपूर्ति के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग भीलवाड़ा में अपने अधिवक्ता मनोहर लालवानी, पीरू सिंह गौड, रवि गोरानी के मार्फत परिवाद पेश किया जिस पर परिवादी के द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर व उक्त सम्बन्ध में बहस के दौरान दिए गए तर्कों के आधार पर पीठासीन अधिकारी अध्यक्ष हरिनारायण सारस्वत व सदस्य उमेश वतवानी ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि विपक्षीगण द्वारा परिवादी को ऐसी औषधि का विक्रय किया गया, जिससे परिवादी के शरीर सुधार होने के बजाय परिवादी के शरीर को नुकसान हुआ , जिसका उपचार परिवादी को अन्य चिकित्सालय में जाकर लेना पड़ा, जिससे परिवादी को शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक संताप कारित हुआ इस कारण विपक्षगण को आदेश दिया कि 50000 रुपए शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति राशि व परिवाद व्यय व अधिवक्ता शुल्क 5000 रुपए कुल 55000 रूपये 2 माह में परिवादी को अदा करे| आदेश की पालना नहीं करने पर संपूर्ण राशि पर 9% वार्षिक ब्याज भी परिवादी विपक्षीगण से प्राप्त करने का अधिकारी होगा|
पीरू सिंह गौड एडवोकेट
परिवादी अधिवक्ता
भीलवाड़ा
