जोबनेर थानाधिकारी मोती लाल शर्मा ने युवाओं को बताए साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीके

सोशल मीडिया पर दोस्ती से सावधान, साइबर ठगी से बचने युवाओं को किया जागरूक

अजय सिंह (चिंटू)

जोबनेर-स्मार्ट हलचल|सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव को लेकर जोबनेर पुलिस ने युवाओं को जागरूक किया। जोबनेर थानाधिकारी मोती लाल शर्मा एवं उपनिरीक्षक ने युवाओं से संवाद करते हुए साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों की विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से होने वाली दोस्ती और बातचीत कई बार साइबर ठगी, ब्लैकमेलिंग और अन्य आपराधिक घटनाओं का कारण बन सकती है। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा नहीं करें और निजी जानकारी, फोटो, बैंक संबंधी विवरण, ओटीपी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करें।
युवाओं को राजकॉप पुलिस ऐप सहित पुलिस की ऑनलाइन सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी संदिग्ध लिंक, खाते या व्यक्ति से सावधान रहें तथा किसी प्रकार की ठगी या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध होने पर पीड़ित घबराएं नहीं और घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। राजस्थान पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार साइबर अपराध के लिए 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है।
थानाधिकारी मोती लाल शर्मा ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना देने में देरी नहीं करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस हर संभव सहयोग करेगी तथा कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से कहा कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराध की जानकारी होने पर चुप न रहें। समय पर दी गई सूचना से ठगी की रकम को रोकने और अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है।