गो वंश को माता कहे जाने के बावजूद, ये नज़ारे आम है, कहां है गौ सेवक ???

(राजेश जीनगर, भीलवाड़ा)
जिस गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए पुरजोर मांग की जा रही है, उसी के विपरीत कुछ नजारे शहर के बीच पसरी गंदगी में मुंह मारती में गौ माता की दयनीय हालात की ये तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही है तो शायद एक पुकार भी है “गौ माता करे पुकार हमारी भी सुनो सरकार..”
ज्ञात रहे की कुछ दिन पूर्व है गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए शहर में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया था और कलेक्ट्रेट के बाद सैंकड़ों की तादाद में गोभक्तों ने प्रशासन को सरकारों के नाम ज्ञापन तक दिया है। क्या गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करवाने के बाद यह नजारे बदल जाएंगे या हिंदू धर्म संस्कृति में गाय को गौ माता का दर्जा देने वाले गौ भक्त इस बेबस व्यवस्था की ओर ध्यान देंगे या सिर्फ “हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, यह तस्वीर बदलनी चाहिए” जैसे नारों के बाद क्या सही मायनों में इन तस्वीरों का यह कड़वा सच बदलेगा।