कमला देवी की हत्या के बाद छत पर जलाया शव, पड़ोसियों को पार्टी का बहाना देकर किया गुमराह

छत की खुदाई कर पुलिस ने जुटाए अहम साक्ष्य, अवशेष कोठारी नदी में बहाने का खुलासा; एफएसएल और एमओबी टीम ने किए साक्ष्य एकत्रित

भीलवाड़ा | रिपोर्ट: पुनीत चपलोत

भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल |72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसी योजना बनाई, जिससे आसपास के लोगों को शक नहीं हुआ। जांच में सामने आया कि शव जलाने के लिए लकड़ियां और अन्य सामग्री मंगवाने के दौरान पड़ोसियों को घर में नॉनवेज पार्टी होने की बात बताई गई। आरोप है कि शव जलाने के बाद घटनास्थल पर ही खाने-पीने का आयोजन किया गया और सुबह जले हुए अवशेष कोठारी नदी में बहा दिए गए।

गुरुवार को भीमगंज थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों रवि तापड़िया, हीरा सिंधी और आर्यन दाधीच उर्फ चूंचा को लेकर छोटी पुलिया स्थित रवि तापड़िया के मकान पर पहुंची। एफएसएल और एमओबी टीम की मौजूदगी में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिस छत पर शव जलाए जाने की आशंका है, वहां सीमेंट की परत हटाकर नमूने एकत्रित किए गए।

पुलिस के अनुसार, खुदाई और जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रथम दृष्टया सामने आए हैं। इन्हें सुरक्षित कर वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। साक्ष्यों की वास्तविक प्रकृति और उनकी जांच से मिलने वाले निष्कर्ष संबंधित रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होंगे।

पार्टी के बहाने मंगवाई लकड़ियां और अन्य सामग्री

पुलिस जांच के अनुसार, शव जलाने के लिए लकड़ियों और अन्य ज्वलनशील सामग्री की व्यवस्था की गई थी। पड़ोसियों को संदेह न हो, इसके लिए सामग्री मंगवाते समय घर में खाने का कार्यक्रम और नॉनवेज बनाने की बात कही गई।

पुलिस का दावा है कि शव जलाने के बाद आरोपियों ने घटनास्थल पर खाने-पीने का आयोजन भी किया। जांच अधिकारी अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और उपलब्ध साक्ष्यों की वैज्ञानिक पुष्टि करने में जुटे हैं।

छत पर सीमेंट डालकर निशान मिटाने की आशंका

पुलिस को आशंका है कि कमला देवी की हत्या के बाद शव को मकान की छत पर जलाया गया और बाद में उस हिस्से पर सीमेंट का नया घोल डालकर मरम्मत की गई, ताकि वारदात के निशान छिपाए जा सकें।

गुरुवार को पुलिस ने इसी हिस्से की खुदाई करवाई। एफएसएल और एमओबी टीम ने छत के साथ उस कमरे का भी निरीक्षण किया, जहां महिला की हत्या किए जाने का संदेह है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले और बाद में मकान में क्या-क्या बदलाव किए गए थे।

खुदाई के दौरान जुटाए गए नमूनों और अन्य साक्ष्यों की वास्तविक प्रकृति का पता वैज्ञानिक जांच के बाद ही चल सकेगा।

संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए हस्ताक्षर का दबाव बनाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, 12 अक्टूबर की रात रवि तापड़िया कमला देवी को अपने मकान पर लेकर गया था। वहां संपत्ति अपने नाम करवाने के लिए उनसे हस्ताक्षर करने को कहा गया। पुलिस का आरोप है कि कमला देवी के इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और तकिए से मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी गई।

पुलिस के अनुसार, इस दौरान हीरा सिंधी भी मौके पर मौजूद था। इसके बाद शव को छत पर ले जाकर जलाने और अवशेषों को ठिकाने लगाने की कथित साजिश को अंजाम दिया गया। मामले में सामने आए इन तथ्यों की जांच के लिए पुलिस अन्य साक्ष्यों और वैज्ञानिक रिपोर्टों का इंतजार कर रही है।

एक-एक साक्ष्य की कड़ी जोड़ रही पुलिस

भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने बताया कि यह वह स्थान है, जहां शव जलाए जाने की आशंका है। यहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना को देखते हुए एफएसएल और एमओबी टीम के साथ गहन निरीक्षण किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि घटनास्थल के किसी भी ऐसे हिस्से को नहीं छोड़ा जा रहा, जहां से साक्ष्य मिल सकते हों। कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रथम दृष्टया सामने आए हैं, जिन्हें एकत्रित कर लिया गया है। अब घटना से पहले और बाद में हुए बदलावों की बारीकी से जांच की जा रही है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, कालू तापड़िया की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, मामले में रवि तापड़िया, हीरा सिंधी और आर्यन दाधीच उर्फ चूंचा गिरफ्तार हैं। वहीं, रवि तापड़िया का भतीजा कालू तापड़िया पुत्र सांभा तापड़िया फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच के साथ मामले की अन्य कड़ियों की पड़ताल में जुटी है। एफएसएल रिपोर्ट और आगे की जांच से घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के स्पष्ट होने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: पुनीत चपलोत

स्मार्ट हलचल | भीलवाड़ा, राजस्थान