दिनेश लेखी
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उदय सिंह आलोरिया ने सुनाया फैसला, सभी पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड
कठूमर।स्मार्ट हलचल|अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कठूमर उदय सिंह आलोरिया ने करीब 13 वर्ष पुराने आपराधिक प्रकरण में निर्णय सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषसिद्ध आरोपी पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर लोक अभियोजक कठूमर सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार बनाम अमित उर्फ बृजेश वगैरा निवासी घोषराना, थाना खेरली के प्रकरण में 12 सितंबर 2013 को थाना खेरली में मुकदमा संख्या 341/2013 दर्ज किया गया था। प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 307 एवं 302 के तहत आरोप लगाए गए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा मामले में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। सुनवाई पूर्ण होने के बाद न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध मानते हुए सजा सुनाई।
न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किए गए आरोपियों में अमित उर्फ बृजेश ब्राह्मण (40 वर्ष), रतनदास उर्फ नागा बाबा जाट (73 वर्ष), सतीश मीणा पुत्र कैलाश चंद मीणा, राजेंद्र जाट तथा हरकेश मीणा, सभी निवासी घोषराना, शामिल हैं। न्यायालय ने पांचों दोषसिद्ध आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अपर लोक अभियोजक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि प्रकरण वर्ष 2013 से न्यायालय में विचाराधीन था। लंबे समय तक चली न्यायिक कार्यवाही के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत सामग्री के आधार पर अपना निर्णय सुनाया।