रणवीर सिंह चौहान भवानी मंडी
भवानी मंडी। स्मार्ट हलचल /स्वर्गीय संतोष जी खाबिया केआकस्मिक निधन के पश्चात परिजनों ने नेत्रदान का पुनीत निर्णय लेकर मानवता की मिसाल पेश की। इस कार्य में महावीर मारवाड़ी एवं लक्की मारवाड़ी दोहिती भाविनी का विशेष योगदान रहा।जैन सोशल ग्रुप के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र नरेंद्र जैन ने बताया की रात को 3 बजे लक्की जी मारवाड़ी द्वारा सूचना मिलते कोटा शाइन इंडिया फाउंडेशन कोटा के डॉ. कुलवंत जी गौड़ से संपर्क किया आँखो के फोटो देखने के बाद कॉर्निया सही स्थिति में पाकर डॉ गौड सुबह-सुबह लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय कर 6.30 पर भवानी मंडी पंहुचे और नेत्रदान प्राप्त किया नेत्रदान की प्रक्रिया को दोहिती भाविनी एवं परिवार के सभी सदस्यों ने नजदीक से देखा।
नरेंद्र जैन ने कहा कि नेत्रदान महादान है। किसी व्यक्ति के जाने के बाद भी उसके नेत्रों से किसी दूसरे की दुनिया रोशन हो सकती है। स्वर्गीय सोभाग मल जी के परिवार ने दुःख की घड़ी में नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया है। प्रत्येक परिवार को नेत्रदान के प्रति जागरूक होना चाहिए।
जैन ने महावीर मारवाड़ी, लक्की मारवाड़ी एवं डॉ. कुलवंत गौड़ के सेवाभावी योगदान की सराहना करते हुए परिवार के प्रति साधुवाद एवं अनुमोदना व्यक्त की।