भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल)जिला कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय (SP Office) परिसर से युवती के सनसनीखेज अपहरण मामले में भीलवाड़ा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसपी धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर वारदात का खुलासा कर दिया और मुख्य आरोपी पिता और चाचा को गिरफ्तार कर लिया।
फिल्मी स्टाइल में दिया था वारदात को अंजाम
घटनाक्रम के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को पीड़ित गोपाल लाल जाट अपनी पत्नी संगीता (जिससे उसने प्रेम विवाह किया था) के साथ एसपी ऑफिस में बयान दर्ज कराने आया था। तभी संगीता के परिजन वहां आ धमके। पुलिस की मौजूदगी में वे युवती को जबरन उठाकर ले गए।
जब वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन पर अपनी काली स्कॉर्पियो (Scorpio) चढ़ाने का प्रयास किया, जिससे पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। इस दुस्साहस ने पुलिस विभाग को चुनौती दे दी थी।
100 सीसीटीवी कैमरों ने खोले राज
एएसपी पारसमल जैन और सीओ सिटी सज्जन सिंह के निर्देशन में कोतवाली थानाधिकारी शिवराज गुर्जर की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। टीम ने:
- अभय कमांड सेंटर के फुटेज खंगाले।
- घटनास्थल और टोल प्लाज़ा के 100 से अधिक सीसीटीवी चेक किए।
- तकनीकी टीम की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की।
गिरफ्तार आरोपी:
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- कालू लाल पुत्र उदा जाट (उम्र 50 वर्ष) – युवती का पिता।
- कल्याण लाल पुत्र मगना लाल (उम्र 40 वर्ष) – युवती का चाचा।
दोनों आरोपी करेड़ (थाना बडलियास) के निवासी हैं। पुलिस अब स्कॉर्पियो चालक देवप्रकाश उर्फ देवचन्द और अन्य फरार साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।


