कोटा को मिला पहला निजी औद्योगिक पार्क, निवेश और उद्योगों को नई रफ्तार
हम सिर्फ जमीन नहीं बेच रहे, हम एक उद्यमी का सपना खड़ा करने में भागीदार बन रहे हैं —मूंदड़ा”
कोटा।स्मार्ट हलचल|औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कोटा को उसका पहला निजी औद्योगिक पार्क ‘अर्बना टेक्नोपार्क’ के रूप में मिल गया। 18 अप्रैल को हुए भव्य शुभारंभ समारोह में विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के हजारों पदाधिकारी, उद्योगपति एवं युवा उद्यमियों ने भाग लिया और परियोजना को कोटा के भविष्य के लिए निर्णायक पहल बताया। विशेषज्ञो ने उद्यमियों का मार्गदर्शन भी किया।अनिल मूंदडा ने बताया कि कार्यक्रम में दी एसएसआई एसोसिएशन, कोटा व्यापार महासंघ, लघु उद्योग भारती कोटा, कोटा फेडरेशन, कोटा मोटर्स डीलर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन कोटा तथा हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज सहित कई संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। उपस्थित उद्यमियों ने परियोजना की संरचना, सुविधाओं और स्थान को निवेश के लिए अनुकूल बताते हुए इसकी सराहना की।
युवा उद्यमियों के लिए ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ निदेशक बी.डी. मूंदड़ा एवं अनिल मूंदड़ा ने बताया कि अर्बना टेक्नोपार्क केवल औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उद्योगों के समग्र विकास के लिए आवश्यक इकोसिस्टम प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से युवा उद्यमियों के लिए ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ साबित होगी और कोटा को पुनः औद्योगिक पहचान दिलाने में सहायक बनेगी। अनिल मूंदडा ने कहा कि “अर्बना टेक्नोपार्क केवल एक औद्योगिक पार्क नहीं है,”कोटा एक बार फिर ‘औद्योगिक नगरी’ का ताज पहनेगा और अर्बना टेक्नोपार्क उस ताज की पहली कड़ी है।उन्होने कहा कि हम युवा उद्यमियो को केवल जमीन नहीं बेच रहे, हम एक उद्यमी का सपना खड़ा करने में भागीदार बन रहे हैं।”
विशेषज्ञों ने दी उद्योग स्थापना की विस्तृत जानकारी इस अवसर पर जयपुर से आए विशेषज्ञों ने उपस्थित उद्यमियों को नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया, संभावनाओं और आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्योग स्थापना से जुड़ी तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधकीय बारीकियों को सरल भाषा में समझाते हुए उद्यमियों का मार्गदर्शन किया।विशेषज्ञों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी उद्योगों से संबंधित कंसल्टेंसी और मार्गदर्शन की सेवाएं निरंतर जारी रहेंगी, जिससे नए और स्थापित दोनों प्रकार के उद्यमियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल विशेष रूप से युवा और उभरते उद्यमियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
संख्याएँ जो खुद रूझान बताती है भारत एलएलपी के कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्दार के अनुसार प्रथम चरण में 2,29,000 वर्गमीटर का औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्र उपलब्ध है। 500 से 20,000 वर्गमीटर तक के भूखंड — यानी नया उद्यमी हो या स्थापित उद्योगपति, दोनों के लिए द्वार खुले हैं। और सबसे बड़ी बात है शुभारंभ से पहले ही 70,000 वर्गमीटर से अधिक की बिक्री हो चुकी है। यह आँकड़ा इस प्रोजेक्ट की खूमियों,आवश्यकता व उपयोगिता के प्रति उद्यमियों का रूझान बताता है।उन्होने कहा कि परियोजना पूरी तरह RERA पंजीकृत है। कलेक्टर, कोटा द्वारा लेआउट प्लान अनुमोदित है और राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के तहत निवेशकों को विशेष सरकारी लाभ भी मिलेगा।परियोजना के सेल्स एवं मार्केटिंग पार्टनर भारत लैंडमार्क रियल्टी एलएलपी के संचालन एवं निष्पादन का कार्य कुणाल गुप्ता एवं सहज पोद्दार के निर्देशन में किया जा रहा है।
अर्बना टेक्नोपार्क की इन खूबियो ने खीचा ध्यान पवन मूंदडा ने बताया कि अर्बन टेक्नापार्क NH-52 पर मंडाना टोल प्लाजा के समीप, कोटा–झालावाड़ हाईवे पर, शहर से लगभग 22 किमी दूरी है वहीं यह प्रोजेक्ट रेडी-टू-यूज़ इंडस्ट्रियल लैंड है जहां क्षेत्र में पहली बार विकसित और अनुमोदित औद्योगिक भूमि उपलब्ध है यहां 500 से 20,000 वर्गमीटर तक के प्लॉट, MSME से लेकर बड़े उद्योगों तक के लिए उपयुक्त है तथा नए उद्यमियों को उद्योग स्थापना से संचालन तक मार्गदर्शन सहित राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के अंतर्गत लाभ है,मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बिजली, पानी, सड़क, पाइपलाइन, सीमांकन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित भी है।
