कोटड़ी (भीलवाड़ा)। जिले की कोटड़ी थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (DST) ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए गेंहुली गांव में एक 91 वर्षीय रिटायर्ड और दिव्यांग शिक्षक के घर हुई 45 लाख रुपये की सनसनीखेज नकबजनी (चोरी) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दो मुख्य आरोपियों के साथ-साथ चोरी का माल छिपाने में सहयोग करने वाले परिवार के तीन अन्य सदस्यों (जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं) को भी गिरफ्तार किया है।
बुजुर्ग की बेबसी का उठाया फायदा, छत से घुसे थे चोर
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को गेंहुली निवासी 91 वर्षीय रिटायर्ड अध्यापक रायमल त्रिपाठी ने मामला दर्ज कराया था। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि शातिर चोरों ने बुजुर्ग की अपंगता और वृद्धावस्था का फायदा उठाया और रात के समय छत के रास्ते घर में घुसकर सोने-चांदी से भरी पेटी और जेवरात चुरा लिए। कोटड़ी थानाधिकारी महावीर प्रसाद और DST प्रभारी कन्हैयालाल की संयुक्त टीम ने मुखबिर तंत्र की मदद से मामले का भंडाफोड़ किया।
शत-प्रतिशत माल बरामद, कीमत 45 लाख
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है, जिसमें शामिल हैं:
- सोने के जेवरात: कुल वजन 162.5 ग्राम (बाजार मूल्य करीब 25 लाख रुपये)
- चांदी के जेवरात: कुल वजन 7.969 किलोग्राम (बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये)
चोरी का माल छिपाने में पत्नी और माता-पिता भी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी शिवलाल उर्फ शिवराज गुर्जर (28) और शंकर लाल गुर्जर (55) निवासी गेंहुली हैं।
चोरी का माल अपने कब्जे में रखकर घर में छिपाने और वारदात में सहयोग करने के आरोप में मुख्य आरोपी शिवलाल के पिता नाथु लाल गुर्जर (52), मां बाली देवी (50) और पत्नी लीलादेवी (27) को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस कार्रवाई में DST के हैड कांस्टेबल प्रताप राम विश्नोई, कांस्टेबल अमृत सिंह और ऋषिकेश का विशेष योगदान रहा।
