लाडपुरा: आबकारी नियमों की उड़ रही धज्जियां, 1 लाइसेंस की आड़ में चल रहीं 5 अवैध दुकानें

शिव लाल जांगिड़

स्मार्ट हलचल|लाडपुरा। क्षेत्र में आबकारी विभाग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लाडपुरा कस्बे में शराब माफिया और ठेकेदार बेखौफ होकर अवैध रूप से शराब का कारोबार चला रहे हैं। एक ओर जहां सरकार का नियम है कि रात 8 बजे बाद शराब की दुकानें बंद हो जानी चाहिए, वहीं दूसरी ओर यहां एक ही लाइसेंस की आड़ में गांव में 4-5 अवैध ब्रांचें संचालित की जा रही हैं, जो देर रात तक गुलजार रहती हैं।

रात 8 बजे बाद आधा शटर खोलकर होती है बिक्री

सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक ही खुलेंगी। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार, लाडपुरा में चौराहे पर स्थित भेरुनाथ मंदिर के पास वाले ठेके और लाडपुरा-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे (NH-758) पर स्थित ठेके पर रात 8 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब बेची जा रही है। दिखाने के लिए आधा शटर डाउन कर दिया जाता है, लेकिन अंदर से शराब की बिक्री देर रात तक जारी रहती है।

एक लाइसेंस, 5 दुकानें और गांवों में पेटियों की सप्लाई

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आबकारी विभाग ने लाडपुरा में शराब बिक्री के लिए केवल एक दुकान का लाइसेंस जारी किया है। लेकिन ठेकेदार इसी एक लाइसेंस की आड़ में पूरे क्षेत्र में 4 से 5 अवैध दुकानें (ब्रांच) संचालित कर रहा है। हद तो यह है कि इन अवैध ठिकानों से आसपास के गांवों में भी दारू की पेटियों की धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही है।

स्कूल के पास बिखरी बोतलें, महिलाओं में भय

अवैध शराब की बिक्री का सबसे बुरा असर क्षेत्र के माहौल पर पड़ रहा है। लाडपुरा बस स्टैंड पर स्थित राजकीय विद्यालय के सामने बने चबूतरे पर आए दिन शराब की खाली और टूटी हुई बोतलें बिखरी पड़ी रहती हैं। देर रात तक दुकानें खुली रहने के कारण क्षेत्र में शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और आए दिन लड़ाई-झगड़े की वारदातें हो रही हैं। इससे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए शीघ्र अतिशीघ्र इन अवैध दुकानों को बंद करवाया जाए और रात 8 बजे बाद शराब बेचने वालों का लाइसेंस निरस्त कर सख्त कार्रवाई की जाए।