दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|अजमेर जिले के सावर उपखंड का छोटा-सा गाँव मेहरू खुर्द आज देश के सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक शक्तिपीठों में गिना जाने लगा है। जहाँ कभी साधारण-सी ग्रामीण चहल-पहल होती थी, आज वहाँ रोज़ाना हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। भैरव धाम न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि समाज सेवा, मानव कल्याण और ग्रामीण विकास का अनूठा मॉडल भी प्रस्तुत कर रहा है।
इस चमत्कारी परिवर्तन के केंद्र में हैं—महंत लाल धागे सरकार, जिनकी निष्ठा, सेवा और मानवीयता ने मेहरू खुर्द को हिंदुस्तान के धार्मिक मानचित्र पर तेज़ रोशनी की तरह चमका दिया है।
निःशुल्क भोजन प्रसाद—जहाँ सेवा ही पूजा है
भैरव धाम में वर्षों से प्रतिदिन हजारों लोगों को मुफ़्त भोजन प्रसाद उपलब्ध कराया जा रहा है। दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों के लिए यह व्यवस्था धाम की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है।
इसी सेवा-भाव से प्रेरित होकर महंतजी की अगुवाई में मेहरू कला में भव्य नरसिंह मंदिर का निर्माण भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मानवता की मिसाल—दुर्घटना में दिवंगत युवकों के परिवारों को आर्थिक संबल
नापाखेड़ा नदी हादसे में तीन युवकों की मौत से पूरा क्षेत्र दुःख में डूब गया था। ऐसे कठिन समय में महंत लाल धागे सरकार ने मानव धर्म निभाते हुए तीनों गरीब परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी।
यह कदम बताता है—भैरव धाम सिर्फ उपासना का स्थल नहीं, बल्कि संकट में सहारा देने वाला परिवार है।
गोसेवा में अग्रणी—कई गौशालाओं को लाखों का सहयोग
महंतजी के नेतृत्व में बढ़ते कदम गौशाला, केकड़ी पारेश्वर नंदी गौशाला, पारा गौशाला, मेवदा कला गौशाला सहित विभिन्न संस्थाओं को लाखों रुपए का अनुदान दिया गया है।
यह योगदान भैरव धाम की ‘जीव दया ही सर्वोच्च सेवा’ की भावना को स्थापित करता है।
शिक्षा को सशक्त आधार—विद्यालय को दिया लाखों का नया हाल
मेहरू खुर्द के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की जीर्ण-शीर्ण इमारत की सूचना मिलते ही लाल धागे सरकार सेवा समिति ने लाखों रुपये खर्च कर नया हाल व बरामदा बनवाया और इसे विद्यालय प्रशासन को समर्पित कर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह उदाहरण शिक्षा के प्रति अद्वितीय संवेदनशीलता दर्शाता है।
भैरव धाम से बदली मेहरू खुर्द की किस्मत—रोज़गार का नया सूरज
एक समय तक बेरोज़गारी से जूझते मेहरू खुर्द में आज भैरव धाम केंद्रित अर्थव्यवस्था ने नई जान फूँक दी है।
– कोई टैक्सी चलाकर आजीविका कमा रहा है
– कोई प्रसाद, फूल-माला, अगरबत्ती की दुकान चला रहा है
– तो कई सीधे धाम में सेवा और प्रबंध से जुड़े हुए हैं
सैकड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधर चुकी है और गांव का जीवन स्तर कई गुना बढ़ गया है।
लोकप्रियता से व्यथित कुछ तत्वों की साज़िश—गांव में उबाल
भैरव धाम की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता से परेशान कुछ लोगों ने धाम के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की है।
लेकिन ग्रामीणों की चेतावनी स्पष्ट है—
“भैरव धाम के विरुद्ध किसी भी कार्रवाई का जवाब बड़ा जनआंदोलन होगा।”
मेहरू खुर्द के लोग धाम को सिर्फ धर्म नहीं, अपनी पहचान और भविष्य मानते हैं।
कुंभ मेले में विशाल भोजन भंडारा—मेहरू खुर्द की सेवा देश भर में गूँजी
लाल धागे सरकार सेवा समिति ने प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान विशाल भोजन भंडारे का आयोजन कर मेहरू खुर्द का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और भी रोशन कर दिया।
देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ लिया।
मेहरू खुर्द—आस्था, सेवा और विकास की जीवंत दास्तां
आज मेहरू खुर्द का भैरव धाम यह संदेश दे रहा है कि—
जहाँ विश्वास की लौ जलती है और सेवा की ज्योति फूटती है, वहाँ चमत्कार होना तय है।
महंत लाल धागे सरकार की आध्यात्मिक निष्ठा, समाज सेवा और मानवीयता ने एक छोटे-से गांव को
राष्ट्रीय आध्यात्मिक धाम, सामाजिक परिवर्तन का केंद्र और ग्रामीण विकास का मॉडल बना दिया है।
मेहरू खुर्द अब सिर्फ एक गांव नहीं—
एक प्रेरणा, एक आंदोलन और एक नई दिशा है













