पीएचसी पपचपहाड़ पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 69 गर्भवतियों की जांच, 45 हाई रिस्क प्रेग्नेंसी चिन्हित.

रणवीर सिंह चौहान
स्मार्ट हलचल /आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पचपहाड़ पर शनिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत विशेष प्रसव पूर्व जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सेक्टर पीएचसी पचपहाड़ के अंतर्गत आने वाले 7 उपस्वास्थ्य केन्द्रों एवं 5 ग्राम पंचायतों की कुल 69 गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई।
जांच के दौरान 45 गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया, जबकि 24 गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था सामान्य पाई गई। उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों का आवश्यकतानुसार उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया गया।
शिविर में 32 गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) जांच हेतु “माँ वाउचर” कूपन वितरित किए गए, जिससे वे निर्धारित चिकित्सा संस्थानों पर निःशुल्क जांच का लाभ प्राप्त कर सकें।
स्वास्थ्य जांच के दौरान 5 गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम प्रति डेसीलीटर से कम पाया गया, जिन्हें आई.वी. आयरन इन्फ्यूजन की सलाह दी गई। वहीं 7 महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 9 से 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच पाया गया, जिन्हें आयरन उपचार, संतुलित एवं पौष्टिक आहार तथा नियमित फॉलोअप की सलाह दी गई।
शिविर में उपस्थित सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसव पूर्व जांच, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का सेवन, टीकाकरण, संतुलित आहार, पर्याप्त विश्राम, स्वच्छता, संस्थागत प्रसव तथा गर्भावस्था के दौरान होने वाले खतरे के लक्षणों की पहचान एवं समय पर चिकित्सा परामर्श लेने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पचपहाड़ के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर उनका समुचित उपचार सुनिश्चित करना तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। उन्होंने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि प्रत्येक गर्भवती महिला सुरक्षित मातृत्व सेवाओं का पूर्ण लाभ प्राप्त करे तथा स्वस्थ माँ एवं स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके।