क्रोध छोड़ क्षमा को बनाएं मित्र, तभी शांत होगा मन का प्रदूषण

समता भवन में मिच्छामि दुक्कडम् कार्यक्रम, सकल जैन समाज ने परस्पर की खमतखामणा

अनिल कुमार खींची

ब्यावर। स्मार्ट हलचल|समता भवन में संवत्सरी पर्व के अवसर पर मिच्छामि दुक्कडम् एवं खमतखामणा कार्यक्रम आयोजित हुआ। सुबह प्रतिक्रमण के बाद सकल जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं ने एक-दूसरे से क्षमायाचना की और बीते वर्ष में जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए माफी मांगी। इस दौरान 24 घंटे से चल रहे जाप का समापन शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म.सा. के सानिध्य में हुआ।

शासन दीपक श्री विनय मुनि जी म.सा. ने कहा कि क्रोध को दुश्मन और क्षमा को मित्र बनाना चाहिए। क्षमा के भाव से मन में वर्षों से जमा नकारात्मकता और प्रदूषण दूर होता है तथा आत्मशांति प्राप्त होती है। उन्होंने समाजजनों से आपसी मनमुटाव भुलाकर क्षमा और मैत्री का भाव अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सकल जैन समाज के श्रावक-श्राविकाएं जुलूस के रूप में समता भवन पहुंचे और एक-दूसरे से खमतखामणा की। बाद में सभी को मांगलिक प्रदान की गई। जैन संघ के पदाधिकारियों ने भी परस्पर क्षमायाचना की।

इस अवसर पर तेरापंथ समाज के अध्यक्ष रमेश श्रीश्रीमाल, मनीष रांका सहित बहुमंडल के पदाधिकारी तथा साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष गौतम चंद चौधरी, महामंत्री धर्मीचंद औस्तवाल, मंत्री कैलाश खीचा, पंकज डागा, मनीष बंट, माणक चंद श्रीश्रीमाल, पवन बेड़ियां, पंकज प्रवीण बेड़ियां, पत्रकार सिद्धार्थ जैन, दिलीप नाहटा, नरेश श्रीश्रीमाल, गौतमचंद रांका, नेमीचंद पदमचंद डुंगरवाल, विकास श्रीश्रीमाल सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे।