स्मार्ट हलचल|काछोला 31 जुलाई क्षेत्र के राजगढ़ ग्राम पंचायत के जाल का खेडा गाँव में शुक्रवार को जो तस्वीर सामने आई, उसने विकास के तमाम दावों पर सवाल खड़े कर दिए । रेगर समाज के 68 वर्षीय मोहन लाल रेगर के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए जब परिजन और ग्रामीण शमशान जाने के लिए निकले तो शमशान तक जाने वाले रास्ते में कीचड़ भरा हुआ, दोनो तरफ अंग्रेजी बबूल से अवरुद्ध रास्ता,बारिश से बचने के लिए कोई समुचित व्यवस्था उपलब्ध नही है! शमशान के ऊपर लगे चदर खस्ताहाल हालात मे नीचे गिरे हुए हैं!
अंतिम संस्कार के समय अगर बारिश शुरू हो जाए तो लोगों को चिता और लकड़ियों को बचाने के लिए तिरपाल तानना पड़ेगा!
अंतिम विदाई जैसे भावुक क्षण भी अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट का काफी समय चदर निर्माण तो हुआ है लेकिन कोई टीनशेड निर्माण कार्य नही हुआ,चारदीवारी नही हुई और कोई पेयजल और नहाने की भी कोई सुविधा नही की ।
शिवराज, बृजराज, जीतू, भगवान लाल, देवी लाल, लादू लाल, गोपाल लाल, हेमराज सहित रैगर समाज एवं ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को काफी समय से शिकायतें दी गयी ! वर्षों से ग्रामीण टीनशेड, विश्रांति गृह और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बिना अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि बारिश के मौसम में चिता को जलाने के लिए शमशान घाट तक आसानी से नही पहुंच पाते हैं , लकड़ियों को रखने के लिए कोई टीनशेड नही है चिता को भीगने से बचाने के लिए लोगों को तिरपाल लगा कर अंतिम संस्कार करना पड़ता है।
CR प्रतिनिधि भैरू लाल गुर्जर, पूर्व सरपंच लादू लाल गुर्जर सहित ग्रामीण मौजूद थे।
