भीलवाडा । भीलवाड़ा डी.एस.टी. और आसीन्द थाना ईनामी अपराधी को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है । आरोपी लूट के मामले में पिछले 13 साल से फरार था जिस पर 5000 रूपये का इनामी घोषित किया हुआ था । डी.एस.टी. ने लगातार पीछा कर आरोपी को डिटेन किया । कार्यवाही में डीएसटी भीलवाडा के कांस्टेबल केशव मुख्य भूमिका रही । जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह द्वारा ईनामी एवं वांछित अपराधियों की धर पकड के लिए एएसपी पारसमल जैन व बुद्धराज खटीक अति. पुलिस अधीक्षक सहाडा के निर्देशन में , वृताधिकारी आसींद ओमप्रकाश सोलंकी के सुपरविजन और आसींद थानाप्रभारी श्रद्धा पचौरी के कुशल नेतृत्व में टीम गठित की गई।
वह घटना जिसमे आरोपी वांछित था
प्रार्थी रघुनाथ पिता पोखर बलाई निवासी सुलवाडा थाना आसीन्द ने आसीन्द थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि प्रार्थी के रात को किसी काम से वापस अपने घर जा रहा था इस दरमियान एक बोलेरो गाडी में आये तीन चार व्यक्ति ने रास्ता पूछने के बहाने सोने का मांदलिया एक मोबाईल व सात हजार रूपये की लूट कर ली । चोरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की ।
पहले एक आरोपी हुआ गिरफ्तार
मामले में घटना कारित करने वाले आरोपियों में से एक आरोपी भरतलाल पिता कानाराम मीणा निवासी ठिकरिया मीणा थाना चाकसू को गिरफ्तार किया गया और घटना में प्रयुक्त वाहन बोलेरो को जब्त किया जा चुका था। घटना में संलिप्त अन्य आरोपीगणों की तलाश हेतु टीम गठित की गई ।
गठित टीम द्वारा किया गया प्रयास
आरोपी सांवलराम मीणा पिता सोनारायण उर्फ सोनाराम निवासी समेल थाना झांपदा जिला दौसा शातिर प्रवृति का होने से व अभियुक्त के विरूद्ध पूर्व में भी चोरी व नकबजनी की वारदातों के प्रकरण पंजीबद्ध होने से आरोपी आपराधिक पृष्ठभूमि से था और अपना स्थाई ठिकाना नहीं बना रखा था । तथा अलग अलग जगहों पर फरारी काटता रहता था । गठित टीम ने वांछित 5,000 रूपये के उक्त ईनामी अभियुक्त सांवलराम मीणा पिता सोनारायण उर्फ सोनाराम निवासी समेल थाना झांपदा जिला दौसा की अनवरत मुखबिर से सूचना लेकर तलाश कर पीछा किया । घटना कारित करने के बाद से अलग अलग जगह रहकर फरारी काट रहे ईनामी आरोपी को गठित टीम द्वारा डिटेन किया गया और आसींद थाने लेकर आए ।
आरोपी 5000 रूपये का
ईनामी अपराधी है। जिससे पूछताछ की जा रही है ।
टीम के सदस्य
आसींद थाना अधिकारी श्रद्धा पचैरी, एचसी प्रताप राम प्रभारी डीएसटी, कांस्टेबल सुरेन्द्र डीएसटी, केशव डीएसटी भीलवाडा (विशेष योगदान), हरकेश, रविन्द्र सिंह, सुरेन्द्र कुमार थाना आसीन्द, महेन्द्र सिंह शामिल थे ।


