अनिल कुमार
जिला ब्यावर
स्मार्ट हलचल|ब्यावर जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह (IPS) के निर्देशन में अवैध हथियार तस्करों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साकेतनगर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी ब्यावर सिटी थाने के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ब्यावर) डॉ. अनुकृति उज्जैनिया और वृताधिकारी राजेश कसाना के सुपरविजन में साकेतनगर पुलिस की दो सप्ताह के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है।
मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए बदमाश
जानकारी के अनुसार, 14 मई को साकेतनगर थानाप्रभारी गणपत राम (उप निरीक्षक) के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से अवैध हथियारों के संबंध में पुख्ता सूचना मिली। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौखम सिंह (22) और ब्यावर सिटी थाने के प्रकरण में धारा 299 जा०फौ० के तहत फरार चल रहे शातिर अपराधी नरेन्द्र सिंह उर्फ नरू (30) को घेराबंदी कर दस्तयाब किया। तलाशी लेने पर इनके पास से एक अवैध पिस्टल, मैगजीन और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
पूछताछ के बाद दूसरा साथी ‘जीरो पुलिया’ से गिरफ्तार
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने नरेन्द्र सिंह उर्फ नरू से हथियारों की खरीद-फरोख्त को लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि उनका एक अन्य साथी ललीत गुर्जर (21) भी एक अवैध पिस्टल बेचने की फिराक में ब्यावर आया हुआ है और वह जीरो पुलिया के पास खड़ा है।
थानाप्रभारी ने बिना वक्त गंवाए ड्यूटी ऑफिसर शंकर लाल (हैड कांस्टेबल) को जाप्ते के साथ मौके पर रवाना किया। पुलिस टीम ने जीरो पुलिया पर दबिश देकर संदिग्ध ललीत गुर्जर को दबोच लिया। जामा तलाशी में उसके पास से भी एक अवैध पिस्टल और मैगजीन बराम
मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 7 गंभीर मामले
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नरेन्द्र सिंह उर्फ नरू एक आदतन अपराधी है। इसके खिलाफ पहले से ही ब्यावर, जवाजा और उदयपुर के थानों में मारपीट, लूट, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में 7 मुकदमे दर्ज हैं।
कोर्ट ने भेजा पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साकेतनगर थाने में प्रकरण संख्या 166/2026 और 167/2026 दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। शुक्रवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से पुलिस ने उनका पीसी (पुलिस कस्टडी) रिमांड हासिल किया है। पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने में जुटी है कि वे यह हथियार कहाँ से लाए थे और किसे सप्लाई करने वाले थे।
इस टीम को मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई में थानाप्रभारी गणपत राम, साइबर सेल के एएसआई सरफराज, हैड कांस्टेबल शंकर लाल, कांस्टेबल हनुमान सहाय, नेहरूलाल, रणजीत, किशनाराम, राजेन्द्र, कृष्ण कुमार, दिनेश डांगा और जालाराम की मुख्य भूमिका रही।
