न्यायालय को शहर से दूर ले जाने के विरोध में वकीलों का बिगुल

“जिला न्यायालय बचाओ” संघर्ष समिति गठित, भूमि आवंटन निरस्त करने की उठी मांग

अधिवक्ताओं बोले- निर्जन क्षेत्र में कोर्ट बनाना आमजन के हितों के खिलाफ

भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|प्रस्तावित नवीन जिला न्यायालय परिसर को शहर से दूर तस्वारिया ग्राम की चारागाह भूमि में स्थापित किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों वकीलों ने एकजुट होकर “भीलवाड़ा जिला न्यायालय परिसर अधिवक्ता संघर्ष समिति” का गठन किया और जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कुमार जैन के माध्यम से राजस्थान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के नाम ज्ञापन सौंपकर भूमि आवंटन निरस्त करने की मांग की।
संघर्ष समिति के संयोजक राकेश जैन ने बताया कि करीब 62 बीघा भूमि शहर से लगभग 12 से 15 किलोमीटर दूर निर्जन क्षेत्र में आवंटित की गई है, जिससे अधिवक्ताओं, वादकारियों और आमजन को भारी परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि 650 से अधिक अधिवक्ताओं ने इस निर्णय का विरोध किया है।
पूर्व को-चेयरमैन, बार काउंसिल ऑफ इंडिया सुरेश चंद्र श्रीमाली ने कहा कि “सुगम न्याय व्यवस्था” की बात करने वाली सरकार का न्यायालय को शहर से दूर ले जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ताओं ने महिला सुरक्षा, परिवहन, पुलिस सुविधा और मूलभूत व्यवस्थाओं के अभाव को भी बड़ा मुद्दा बताया।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।