* किसानों से कथित अभद्र व्यवहार,निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने,अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव और ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद खाद नहीं देने की शिकायतों पर कार्रवाई
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/निवाई। किसानों से कथित अभद्र व्यवहार, निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने, अन्य कृषि उत्पाद खरीदने के लिए दबाव बनाने तथा एफएफएस के जरिए ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उर्वरक उपलब्ध नहीं कराने की शिकायतों को लेकर कृषि विभाग ने मैसर्स हनुमान बीज भंडार, निवाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार एवं अधिसूचित उर्वरक प्राधिकारी, जिला परिषद टोंक रामलाल जाट ने 14 सितंबर 2026 को उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक निदेशक कृषि विस्तार की अनुशंसा के आधार पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 31(1)(b) के तहत फर्म का उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश के अनुसार फर्म का उर्वरक प्राधिकार पत्र क्रमांक 2048, जिसकी वैधता 29 अगस्त 2030 तक है, आगामी आदेश तक निलंबित रहेगा। प्रोपराइटर को उर्वरक के क्रय-विक्रय से रोकते हुए 7 दिवस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। विभाग ने संबंधित फर्म की रिटेल आईडी 845724 निष्क्रिय कराने, फर्म के उपलब्ध उर्वरक स्टॉक की बिक्री रोकने तथा जिले की सहकारी समितियों और उर्वरक विक्रेताओं को आगामी आदेश तक फर्म को उर्वरक की आपूर्ति नहीं करने के निर्देश भी दिए हैं।
*मुख्य सवाल:*
अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि किसानों द्वारा लगाए गए अधिक राशि वसूली, अन्य उत्पाद खरीदने के दबाव और एफएफएस बुकिंग के बावजूद खाद उपलब्ध नहीं कराने संबंधी आरोपों में कितनी सच्चाई है। राज्य में उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ अनियमितताओं पर लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई पहले भी होती रही है।