बिल्या का चौड़ा, मालीखेड़ा, बीगोद व काछोला सहित कई इलाकों में बेधड़क जारी है अवैध खनन; ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मांडलगढ़ (स्मार्ट हलचल)
मांडलगढ़ क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र के बिल्या का चौड़ा, मालीखेड़ा, नील की खेती, जालिया, बीगोद, सोपुरा, काछोला और एस. सोपुर इलाकों में शाम ढलते ही बजरी से लदे ओवरलोड ट्रक-ट्रेलरों की लंबी कतारें आसानी से देखी जा सकती हैं। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि बजरी माफिया खुलेआम अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
फर्जी रवन्ने का खेल और बदहाल सड़कें
ग्रामीणों के अनुसार, रोजाना भारी संख्या में बजरी से भरे ट्रक क्षेत्र से बाहर निकल रहे हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर फर्जी रवन्नों (ट्रांजिट पास) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ओवरलोडेड भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह से टूटकर बदहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर उड़ती धूल और हादसों के डर से आम राहगीरों, किसानों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
🛑 विरोध करने पर मिलती हैं धमकियां, खौफ का माहौल
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन का विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को माफियाओं द्वारा धमकियां दी जाती हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और दहशत का माहौल व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक एवं विभागीय स्तर पर कार्रवाई न होना माफियाओं के बढ़ते हौसलों का मुख्य कारण है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें एवं आंदोलन की चेतावनी
- अवैध बजरी खनन और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाई जाए।
- वाहनों में इस्तेमाल हो रहे फर्जी रवन्नों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जाए।
- अवैध कारोबार में लिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- ओवरलोड वाहनों से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की अविलंब मरम्मत कराई जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
