चार राज्यों में पहुंचा कारोबार, अब दुकानों के बजाय महिलाओं के माध्यम से होगा संचालन
अनिल कुमार खींची
ब्यावर। स्मार्ट हलचल । महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘मनोरमा सखी परिवार’ छह माह में ही राजस्थान सहित चार राज्यों तक पहुंच गया है। संस्था की प्रोपराइटर मनोरमा भटेवरा ने बताया कि अब तक 100 से अधिक महिलाएं परिवार से जुड़ चुकी हैं। वर्तमान में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में संस्था का कार्य संचालित हो रहा है।
मनोरमा भटेवरा ने बताया कि वर्ष 2002 में उन्होंने अपने घर की किराना दुकान से शुद्ध एवं केमिकल-फ्री उत्पाद तैयार कर बेचने की शुरुआत की थी। ब्यावर एवं आसपास के लोगों के स्नेह और विश्वास से उत्पादों की मांग बढ़ती गई। करीब दो वर्ष पूर्व बेटे और पोते के सहयोग से इस कार्य को बड़े स्तर पर शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का सपना शुरू से रहा है। इसी उद्देश्य से छह माह पूर्व ‘मनोरमा सखी परिवार’ की नींव रखी गई। महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए पारंपरिक डिस्ट्रीब्यूटर, बाजार और दुकानों के माध्यम से कार्य करने की व्यवस्था को लगभग समाप्त कर दिया गया है। अब संस्था का कार्य केवल महिलाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इच्छुक महिलाएं अपनी मेहनत और इच्छाशक्ति के साथ ‘मनोरमा सखी परिवार’ से जुड़कर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। इस पहल को अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से आमजन एवं मीडिया के सहयोग की अपेक्षा जताई गई।
इस अवसर पर स्वाथी राढी, मनोरमा टीना मुरनोत, सिद्धि सैन एवं सीमा कुमावत सहित अन्य उपस्थित रहे।