मासूम बच्ची को लेकर युवती कुएं में कूदी, 4 घंटे बाद ग्रामीणों ने सकुशल निकाला

मोड़ का निंबाहेड़ा(सुरेश चन्द्र मेघवंशी)
आसींद थाना क्षेत्र के मोड़ का निंबाहेड़ा कस्बे में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते एक युवती अपनी डेढ़ वर्षीय मासूम बेटी को लेकर खेत पर बने गहरे कुएं में कूद गई। हालांकि करीब चार घंटे तक मौत और जिंदगी से संघर्ष करने के बाद ग्रामीणों की तत्परता से मां-बेटी दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

जानकारी के अनुसार कस्बा निवासी हीरालाल माली की 23 वर्षीय पुत्री मंशा अपनी डेढ़ साल की बेटी हर्षिता के साथ मंगलवार दोपहर अपने खेत पर बने करीब 50 फीट गहरे कुएं में कूद गई। बताया जा रहा है कि कुएं में कूदने से पहले मंशा ने अपने व्हाट्सएप पर मौत से जुड़ा स्टेटस लगाया था। स्टेटस देखने के बाद परिजनों को चिंता हुई और वे उसकी तलाश में जुट गए।

खोजबीन के दौरान पिता हीरालाल माली खेत पर पहुंचे, जहां कुएं के बाहर बेटी की चप्पल दिखाई दी। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने ग्रामीणों को बुलाया और कुएं में आवाज लगाई। इस दौरान अंदर से मंशा की आवाज सुनाई दी। ग्रामीण तत्काल रस्सियों के सहारे कुएं में उतरे तो देखा कि मंशा और उसकी मासूम बेटी कुएं के अंदर एक चट्टान को पकड़कर बैठी हुई थीं।

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। स्थानीय पटवारी नारायण कुमावत भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद मां-बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद दोनों को प्राथमिक उपचार दिलाया गया। मासूम हर्षिता को मामूली खरोंचें आई हैं, जबकि कुएं में पानी कम होने से बड़ा हादसा टल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंशा का ससुराल निकटवर्ती हरिपुरा गांव में है। उसका विवाह रतनलाल माली के साथ हुआ था। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद और सामाजिक पंचायत में हुए फैसले के बाद वह मानसिक तनाव में थी। मंशा ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने से वह अवसाद में आ गई थी। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।

ग्रामीणों के अनुसार एक दिन पूर्व ही दोनों पक्षों के बीच समाज की पंचायत में समझौता हुआ था। आटा-साटा विवाह को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा।