खखरेरू /स्मार्ट हलचल|फतेहपुर धाता विकासखंड के ग्राम बसवा में जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने गुरुवार को तालाब, नवीन परती, आबादी और इमारती लकड़ी की भूमि की पैमाइश की। जांच के दौरान जिन लोगों का सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया गया, उन्हें कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई। राजस्व विभाग ने अतिक्रमण नहीं हटाने पर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
ग्राम बसवा निवासी बराती लाल ने करीब दो माह पूर्व जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि गांव की तालाब, नवीन परती, आबादी एवं इमारती लकड़ी की भूमि के अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर विनय कुमार और सखाराम के नाम कृषि भूमि के रूप में दर्ज करा लिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि संबंधित भूमि मूल रूप से आबादी की है, जिस पर अवैध कब्जा किया गया है। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित भूमि की पैमाइश कराई।
पैमाइश के दौरान राजस्व टीम ने तालाब, नवीन परती, आबादी तथा अन्य सार्वजनिक भूमि का सीमांकन किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद विनय कुमार और सखाराम को कथित अतिक्रमण हटाने की हिदायत दी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। अतिक्रमण के आरोप झेल रहे लोगों ने लेखपाल पर शिकायतकर्ता से धन लेकर गलत पैमाइश करने का आरोप लगाया, जबकि शिकायतकर्ता अपने आरोपों पर कायम रहा।
राजस्व निरीक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि जिन लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67(1) के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
पैमाइश के दौरान राजस्व टीम में राजस्व निरीक्षक अवधेश कुमार, लेखपाल अरुण कुमार चौधरी, अनुज, अभिषेक, विकास चौधरी, रोहित सहित अन्य कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
