Homeअजमेरखनन माफिया बेलगाम: पुलिया तोड़ी, सड़क उखाड़ी, सरकारी जमीन पर कब्जा—लोधा झोपड़ा...

खनन माफिया बेलगाम: पुलिया तोड़ी, सड़क उखाड़ी, सरकारी जमीन पर कब्जा—लोधा झोपड़ा बना अवैध बजरी का हब

दिलखुश मोटीस

सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|सावर क्षेत्र के लोधा झोपड़ा गांव में सावर–कादेडा रोड पर बाबा रामदेव भंडारे के तिबारे के पास सरकारी भूमि पर अवैध बजरी स्टॉक मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने खुलासा किया कि बजरी माफिया दिन में आमलीखेड़ा के पास खारी नदी से ट्रैक्टरों में बजरी ढोकर यहां जमा करते हैं और रात के अंधेरे में ट्रकों में भरकर जयपुर, कोटा सहित बड़े शहरों को सप्लाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि रोजाना हजारों टन अवैध बजरी इस जमीन पर इकट्ठी की जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध गतिविधि के चलते न सिर्फ सरकारी भूमि का दुरुपयोग हो रहा है बल्कि क्षेत्र की उपजाऊ जमीन भी बंजर होती जा रही है। बजरी के बड़े ढेरों से उड़ने वाली धूल के कारण आस-पास के लोगों, बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। वहीं दिन–रात दौड़ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर और भारी वाहनों की मूवमेंट से हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि बजरी ढोने वाले लोगों ने ग्राम पंचायत गोरधा द्वारा लगभग 15 वर्ष पहले बनाई गई पुलिया (कलवट) की मजबूत दीवारों को तोड़ दिया है। इसके अलावा डामरीकृत सड़क के किनारों को भी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे सड़कें उखड़ने लगी हैं और ग्रामीण मार्ग जर्जर हो चुका है। ग्राम पंचायत की सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध स्टॉकिंग के कारण सरकार को रॉयल्टी और खनन शुल्क में लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। बरसात के दौरान ऐसे स्टॉक की बची बजरी से खेतों, नालों व रास्तों में पहुंच जाते हैं, जिससे भू–क्षरण, अवरोध और सड़कों के टूटने की समस्या और बढ़ जाती है।

अवैध खनन का यह काला खेल पिछले एक माह से भी अधिक समय से चल रहा है और ग्रामीणों के अनुसार इसमें कुछ दबंग तत्व सक्रिय हैं, जिनसे आमजन भय के माहौल में जी रहे हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से सावर–कादेडा रोड पर यातायात दबाव भी बढ़ गया है, जिससे छोटे वाहन चालकों व राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से अवैध स्टॉक को हटाने, सरकारी भूमि को मुक्त करवाने और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने बड़े स्तर पर बिना अनुमति के बजरी का पहाड़ यहां कैसे जमा हो गया? प्रशासन इसे देख क्यों नहीं पा रहा या जानबूझकर अनदेखी कर रहा है?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
news paper logo
RELATED ARTICLES