कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील पर तीखा बयान दिया,सरकार जनता से सच्चाई छिपा रही है और चुनाव खत्म होने के बाद कीमतें बढ़ाने की तैयारी

स्मार्ट हलचल|सरकार को संसद में पारदर्शिता दिखानी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि वैश्विक हालात और घरेलू कीमतों में अचानक उछाल के पीछे असल कारण क्या हैं। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से सच्चाई छिपा रही है।

Modi is hiding the truth from the public

पीएम मोदी की अपील

  • प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में “सात अपीलें” कीं, जिनमें शामिल हैं:
    • पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना
    • कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाना
    • इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग
    • खाद्य तेल की खपत घटाना
    • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना
    • अनावश्यक सोने की खरीद से बचना
    • विदेश यात्रा सीमित करना
  • मोदी ने इसे “आर्थिक आत्मरक्षा” और “जिम्मेदार देशभक्ति” बताया।

सचिन पायलट का बयान

  • पायलट ने कहा कि पारदर्शिता की कमी है और सरकार संसद को विश्वास में नहीं ले रही।
  • उन्होंने सवाल उठाया कि जब तेल की कीमतें स्थिर हैं, तो अचानक जनता को बचत की अपील क्यों की जा रही है।
  • उनका आरोप: सरकार जनता से सच्चाई छिपा रही है और चुनाव खत्म होने के बाद कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
  • पायलट ने कहा: “क्या कुछ छिपाने की कोशिश हो रही है? सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए।”

विपक्ष की प्रतिक्रिया

  • राहुल गांधी: अपील को “असफलता का प्रमाण” बताया।
  • संजय सिंह (AAP): कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर बोझ डाल दिया गया।
  • DMK नेता: सरकार ईंधन कीमतें बढ़ाने की जमीन तैयार कर रही है।

सरकार का पक्ष

  • पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
  • पीएम की अपील को ऊर्जा बचत और जिम्मेदार उपभोग के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी संकट के संकेत के रूप में।

निष्कर्ष

पीएम मोदी की अपील को लेकर विपक्ष ने इसे जनता पर बोझ डालने और पारदर्शिता की कमी का मामला बताया है। सचिन पायलट ने खास तौर पर संसद में चर्चा की मांग की है, जबकि सरकार का कहना है कि यह केवल ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक सुरक्षा का प्रयास है।