विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और CDC ने मई 2026 में हंतावायरस को लेकर नया वैश्विक अलर्ट जारी किया है। हाल ही में अटलांटिक महासागर में एक क्रूज़ शिप पर यात्रियों में गंभीर श्वसन रोग के मामले सामने आए, जिनमें से कुछ की पुष्टि Andes Hantavirus संक्रमण के रूप में हुई है। अब तक 8 मामलों (6 पुष्ट, 2 संदिग्ध) और 3 मौतों की पुष्टि हुई है।
Hantavirus: हाल ही में, अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप से हंटावायरस के कई मामले सामने आए थे। इसके बाद से दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अब तक इससे जुड़े 8 मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत हो गई है। आमतौर पर यह वायरस संक्रमित चूहों के संपर्क में आने से फैलता है। लेकिन, एंडीज स्ट्रेन से जुड़ा संक्रमण इंसानों के बीच भी फैल सकता है। हंटावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इस संक्रमण को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यह वायरस अलग-अलग देशों में अलग प्रकार की बीमारियां पैदा कर सकता है। कुछ मामलों में यह फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, जबकि कुछ मामलों में किडनी पर असर डाल सकता है।
हंतावायरस क्या है?
- हंतावायरस चूहों और अन्य कृंतकों से फैलने वाला वायरस है।
- यह उनके मूत्र, मल और लार के संपर्क से मनुष्यों में पहुंचता है।
- अमेरिका में यह हंतावायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) पैदा करता है, जबकि यूरोप और एशिया में हेमरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS)।
- Andes virus ही एकमात्र हंतावायरस है जिसमें सीमित मानव-से-मानव संक्रमण दर्ज किया गया है।
हालिया वैश्विक अलर्ट
- स्थान: MV Hondius नामक क्रूज़ शिप, जो अर्जेंटीना से रवाना हुआ था और अंटार्कटिका व अन्य द्वीपों पर गया।
- मामले: 8 (6 पुष्ट, 2 संदिग्ध), 3 मौतें, कई गंभीर रोगी।
- लक्षण: तेज बुखार, उल्टी, दस्त, तेजी से बढ़ता निमोनिया, एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और शॉक।
- जोखिम आकलन: WHO ने कहा कि वैश्विक जनसंख्या के लिए जोखिम फिलहाल कम है, लेकिन निगरानी जारी है।
लक्षण और पहचान
- शुरुआती लक्षण: बुखार, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, पेट दर्द।
- गंभीर लक्षण: खांसी, सांस लेने में कठिनाई, फेफड़ों में पानी भरना, शॉक।
- लक्षण आमतौर पर 1–8 सप्ताह बाद दिखाई देते हैं।
बचाव के उपाय
- घर में चूहों से बचाव:
- दरारें और छेद बंद करें।
- भोजन को सीलबंद कंटेनरों में रखें।
- कचरे को ढककर रखें।
- सुरक्षित सफाई:
- चूहे की बीट को झाड़ू या वैक्यूम से न साफ करें।
- पहले क्षेत्र को हवा लगने दें।
- ब्लीच घोल (1.5 कप ब्लीच + 1 गैलन पानी) से छिड़काव कर 5 मिनट बाद पोंछें।
- दस्ताने और N95 मास्क पहनें।
- स्वास्थ्य पर नजर: चूहों के संपर्क के बाद बुखार या सांस लेने में कठिनाई हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
निष्कर्ष
हंतावायरस दुर्लभ है लेकिन गंभीर और जानलेवा हो सकता है। हालिया क्रूज़ शिप क्लस्टर ने दिखाया है कि चूहों से बचाव और सुरक्षित सफाई बेहद जरूरी है। भारत में फिलहाल कोई बड़ा प्रकोप नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना ही सबसे अच्छा बचाव है।
