देशभर में मानसून का कहर: महाराष्ट्र में झरने में फंसे 100 पर्यटक सुरक्षित निकाले, बिहार में कोसी में समाए 6 घर
नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल।देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक असर
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले स्थित जेनिथ वॉटरफॉल में अचानक जलस्तर बढ़ने से लगभग 100 पर्यटक फंस गए। प्रशासन और बचाव दल ने रस्सियों की सहायता से सभी पर्यटकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
वसई के मधुबन क्षेत्र में करीब पांच फीट पानी भर जाने से लगभग 20 कारें जलमग्न हो गईं। वहीं मुंबई में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण 64 पेड़ गिर गए तथा आठ मकानों की दीवारें ढह गईं। अलग-अलग हादसों में पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
भारी बारिश के चलते छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन प्रभावित रहा। खराब मौसम के कारण इंडिगो की चार उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 13 उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया।
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात के जूनागढ़, भावनगर, पोरबंदर और अमरेली जिलों में भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए। जूनागढ़ में कई स्थानों पर चार फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। भावनगर में एक कार तेज बहाव में बह गई, जबकि अमरेली जिले में धातरवाडी-2 बांध के 20 गेट खोलने के बाद नदी उफान पर आ गई।
बिहार में कोसी का कटाव
बिहार के खगड़िया जिले के शिशवा गांव में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज कटाव शुरू हो गया। कटाव की चपेट में आकर छह मकान नदी में समा गए, जबकि कई अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
अन्य राज्यों में भी असर
दिल्ली-एनसीआर में रविवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन सहित 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण हल्द्वानी में एक निजी हेलीकॉप्टर की एहतियातन इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी, जबकि यमुनोत्री मार्ग पर भूस्खलन से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।
जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में बसंतर नदी में फंसे पांच लोगों को एसडीआरएफ और पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
राजस्थान के जैसलमेर में तेज आंधी के दौरान होटल की छत से सोलर पैनल उड़कर सड़क पर गिर गया, जिससे तीन लोग घायल हो गए। वहीं राज्य के कई जिलों में अगले पांच दिनों तक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग पूरे देश में सक्रिय हो चुका है और अगले कुछ दिनों तक अधिकांश राज्यों में मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि नदी-नालों, जलप्रपातों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
