मानसून सिर पर और राजस्थान-MP को जोड़ने वाली बनास नदी की पुलिया का काम अधर में; अधिकारियों के फेर में अटका निर्माण, हादसे का डर!


🔴 आकोला से ग्राउंड रिपोर्ट: ठेकेदार की लापरवाही से हजारों वाहन चालक परेशान

 रमेश चंद्र डाड
आकोला, 

स्मार्ट हलचल।आकोला कस्बे से होकर गुजरने वाली बनास नदी की पुलिया का निर्माण कार्य ठेकेदार और अधिकारियों के कथित तालमेल की कमी के चलते अधरझूल में लटक गया है। पिछले साल सितंबर में मातृकुंडिया बांध के तेज बहाव में ढहे पुलिया के हिस्से का ९ महीने बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। मानसून के नजदीक आते ही अब हजारों वाहन चालकों और ग्रामीणों को रास्ता बंद होने का डर सताने लगा है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से बजट स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार ने करीब २०० मीटर हिस्से को तोड़कर नींव की खुदाई तो शुरू की और वैकल्पिक रास्ता चालू किया, लेकिन इसके बाद काम को बीच में ही ठप कर दिया गया। यह मार्ग राजस्थान और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला मुख्य हाईवे मार्ग होने के कारण यहाँ से २४ घंटे भारी ट्रैफिक गुजरता है। ग्रामीणों का कहना है कि काम बंद होने से उड़ती धूल और कच्चे रास्ते ने परेशानी बढ़ा दी है।

गूगल मैप के भरोसे आ रहे वाहन चालक, कभी भी हो सकता है हादसा: ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल और डायवर्जन पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक या लाइट की व्यवस्था नहीं है। रात के समय गूगल मैप पर रास्ता बिल्कुल सही दिखाई देने के कारण अनजान वाहन चालक सीधे टूटी पुलिया की तरफ आ जाते हैं, जिससे रात के अंधेरे में गंभीर दुर्घटना होने की आशंका हर समय बनी रहती है।

जिम्मेदारों का पक्ष: विधायक बोले काम जल्द होगा, विभाग ने निकाली नई निविदा

मामले की गंभीरता को लेकर जब विधायक गोपाल खंडेलवाल से बात की गई तो उन्होंने आश्वस्त किया कि बनास नदी की इस पुलिया का निर्माण कार्य मानसून के सक्रिय होने से पहले शीघ्र ही पूरा करवा लिया जाएगा, ताकि जनता को परेशानी न हो।

वहीं, सार्वजनिक निर्माण विभाग कोटड़ी के सहायक अभियंता ऋषिकांत बेरवा ने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़ने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पुराने ठेकेदार को हटाकर विभाग की ओर से नई निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जैसे ही यह टेंडर प्रक्रिया पूरी होती है, पुलिया का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

सबसे तेज और निष्पक्ष खबरों के लिए पढ़ते रहें ‘स्मार्ट हलचल’ डिजिटल न्यूज नेटवर्क।