रणवीर सिंह चौहान
स्मार्ट हलचल/भवानी मंडी नगर पालिका चुनाव अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित सामान्य घोषित हो जाने से नगर पालिका चुनाव इस बार फिर और रोचक होने की संभावनाएं बढ़ गई है इस बार दोनों ही राजनीतिक दलों को प्रत्याशी चयन करने में सावधानी बरतनी होगी. भवानी मंडी नगर पालिका मैं 40 वार्ड है पिछले नगर पालिका चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों को 19 _19 सीट प्राप्त हुई थी एक सीट पर निर्दलीय तथा एक सीट पर एसडीपीआई का प्रत्याशी चुनाव जीता था किंतु जब नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ तो पालिका अध्यक्ष के प्रत्याशी कैलाश बोहरा को 24 मत प्राप्त हुए थे इस बात को लेकर बाद में भाजपा स्थानीय नेताओं में काफी समय तक संशय का माहौल रहा था कि जो ज्यादा वोट कांग्रेस प्रत्याशी कैलाश बोहरा को मिले थे वह आखिर किसके थे उसे समय राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी खेर राजस्थान में अब भाजपा की सरकार है 17 अगस्त को वार्डो का आरक्षण नियत है वार्ड के आरक्षण के बाद शहर में राजनीतिक सर गर्मियां जोर पकड़ने लग जाएगी किंतु पिछली बार नगर पालिका अध्यक्ष में हुए चुनाव परिणामों को देखते हुए इस बार दोनों ही मुख्य राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस को अपने वार्ड प्रत्याशियों के चयन में काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है आवश्यकता इस बात की है कि वह वार्ड पार्षद चुनाव जीतने के बाद अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा वान रहे अध्यक्ष पद सामान्य रहने के चलते इस बार भी पालिका चुनाव में धन बल का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा किंतु पिछली बार नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में हुई खरीद फरोख्त (होर्स ट्रेडिंग) के बाद दोनों ही राजनीतिक दल इस बार काफी सतर्कता से वार्ड पार्षदों प्रत्याशियों के चयन में सावधानी बरतेंगे ऐसा प्रतीत होता है
