₹2,000 की मजदूरी के विवाद में हत्या, ब्यावर पुलिस ने 48 घंटे में कुएं में धकेलने वाले आरोपी को दबोचा

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के कड़े निर्देशों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया व वृताधिकारी राजेश कसाना के निकट सुपरविजन में साकेत नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 48 घंटों में सुलझा लिया है। पुलिस ने सतपाल सिंह की हत्या के आरोप में उसके ही गांव के 26 वर्षीय युवक हरेन्द्र सिंह उर्फ कोकी को गिरफ्तार किया है।

क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को काली कांकर निवासी महिपाल सिंह ने अमृतकौर हॉस्पिटल के चीरघर में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 1 जुलाई 2026 को गांव का ही हरेन्द्र सिंह और तिलोक सिंह उसके छोटे भाई सतपाल सिंह को मोटरसाइकिल पर बैठाकर साथ ले गए थे। इसके बाद आरोपियों ने कुएं के पास सतपाल को शराब पिलाई और उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया। मृतक के सिर और आंख पर गहरी चोटों के निशान पाए गए थे।

शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) के तहत हत्या का मुकदमा (प्रकरण संख्या 241/2026) दर्ज कर जांच शुरू की।

₹2,000 के लिए दे दिया कुएं में धक्का
वारदात के खुलासे के लिए साकेत नगर थाना प्रभारी (उ.नि.) गणपतराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिरों की मदद से मुख्य संदिग्ध हरेन्द्र सिंह उर्फ कोकी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में आरोपी हरेन्द्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि कुएं पर शराब पीने के दौरान सतपाल सिंह ने उससे अपनी पुरानी मजदूरी के ₹2,000 मांगे थे। पैसे देने की नीयत न होने के कारण दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसी झगड़े के दौरान हरेन्द्र ने सतपाल को कुएं में धक्का दे दिया। कुएं में गिरते समय वहां लगे लोहे के सरिये से सतपाल के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी हरेन्द्र सिंह उर्फ कोकी (पुत्र श्री प्रवीण सिंह, उम्र 26 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में नामजद दूसरे आरोपी तिलोक सिंह की भूमिका और घटना में संलिप्तता को लेकर पुलिस की जांच और अनुसंधान अभी जारी है।

सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम:
इस त्वरित खुलासे में थाना प्रभारी गणपतराम, हैड कांस्टेबल महेश कुमार (641), हेमन्त कुमार (3244), शंकर लाल (828), और कांस्टेबल हनुमान सहाय (1589), नेहरू लाल (2713), अनिल कुमार (721), रामफुल (2626) तथा अशोक कुमार (2493) की मुख्य भूमिका रही।