अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय के संगीत विभाग में मासिक संगीत सभा “नाद आराधन” का आयोजन गुरुवार को उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। युवाओं में भारतीय शास्त्रीय संगीत के संरक्षण, संवर्धन और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के मध्य सांगीतिक संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल शुरू की गई है।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. दुष्यन्त त्रिपाठी ने स्वागत भाषण में बताया कि इस श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य प्रतिष्ठित संगीत महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के मध्य सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इसके तहत हर माह विभिन्न संस्थानों के युवा कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।
इस अवसर पर राजस्थान संगीत संस्थान, जयपुर के विद्यार्थी दल ने शास्त्रीय गायन, टप्पा, ठुमरी, गजल, सितार एवं तबला वादन की मनोहारी प्रस्तुतियाँ देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रेखा मंडोवरा ने संगीत विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय प्रयास बताया। कार्यक्रम के अंत में अतिथि कलाकारों को स्मृति-चिन्ह एवं सम्मान-पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जतिन जैन एवं वरुण चावला ने किया, जबकि संयोजन निश्चय कच्छावा व कुलदीप रावलोत ने संभाला। अंत में सुनील कुमार मुसालिया एवं किशन सोनी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. प्रिया गुप्ता (अजमेर), महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, शोधार्थी और बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे।
