मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ, देशभर के हजारों प्रतिनिधि होंगे शामिल
अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर -स्मार्ट हलचल।राजस्थान की राजधानी जयपुर एक और दो जुलाई को देश के सबसे बड़े डिजिटल सुशासन सम्मेलनों में से एक की मेजबानी करेगा। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ एक जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “विकसित भारत 2047 : कृत्रिम बुद्धिमत्ता सक्षम, आंकड़ा आधारित एवं सुरक्षित डिजिटल शासन” रखी गई है।
सम्मेलन की जानकारी देते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन” के विजन को साकार करने में डिजिटल शासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही, गुणवत्ता और आम नागरिकों तक पहुंच लगातार बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में डिजिटल तकनीक सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।
दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, 400 से अधिक शिक्षाविद, 1,100 से अधिक स्टार्टअप, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और शोधकर्ता भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान छह मुख्य सत्र और छह विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शासन, सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना, स्मार्ट पुलिसिंग, जन सुरक्षा, आंकड़ा आधारित निर्णय प्रणाली, वॉइस आधारित सार्वजनिक सेवाएं, गहन प्रौद्योगिकी तथा भविष्य की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा तथा राजस्थान सरकार की विभिन्न जनोपयोगी डिजिटल सेवाओं का लोकार्पण भी होगा। सम्मेलन परिसर में 42 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां केंद्र और विभिन्न राज्यों की डिजिटल पहल के साथ राजस्थान की जन आधार, ई-मित्र, राजस्थान संपर्क-181, राजकाज, राज किसान साथी, स्मार्ट गवर्नेंस और राज्य डेटा केंद्र जैसी प्रमुख परियोजनियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी मंच एवं डिजिटल निर्माण खंड पुस्तिका का भी विमोचन किया जाएगा।
सम्मेलन के समापन अवसर पर दो जुलाई को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार-2026 प्रदान किए जाएंगे। उत्कृष्ट डिजिटल नवाचारों के लिए 16 राष्ट्रीय पुरस्कारों के साथ एक विशेष निर्णायक मंडल पुरस्कार भी दिया जाएगा।
सम्मेलन के अंतर्गत हैदराबाद स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान के सहयोग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्टार्टअप प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में स्टार्टअप भाग ले रहे हैं। चयनित श्रेष्ठ स्टार्टअप्स को पुरस्कार राशि के साथ विशेष मार्गदर्शन और प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना, डिजिटल सुशासन की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में सुरक्षित, पारदर्शी, समावेशी और नागरिक केंद्रित डिजिटल शासन को नई गति प्रदान करना है।
