ना सिर पर टोपी ना वर्दी पर बेल्ट, लेकिन एएसआई के जोरदार तेवर, अब बच्चे को ढूंढ रही चाइल्ड लाइन

ओम जैन

शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|मामला बस्सी थाने का है, जहा रविवार को एक होमगार्ड मुकेश शर्मा रास्ते मे अकेले रोते मिले 10 साल के मासूम को बस्सी थाने में लेकर जाता है जहाँ कुर्सी पर बिना टोपी ओर बिना वर्दी पर बेल्ट लगाए बैठे एएसआई हंसराज वीडियो बनती देखे बिफर जाते है और होमगार्ड को वीडियो बन्द करने के लिए धमकाते भी वीडियो में दिख रहे है जबकि होमगार्ड ओर साथ मे आये ग्रामीण बोल रहे की यह वीडियो हम हमारी सेफ्टी के लिए ओर बच्चे को परिजनों तक पहुंचाने के लिए बना रहे फिर भी एएसआई ने वर्दी का रौब दिखाते हैं वीडियो को बन्द करवाया ओर यही नही अमानवीयता दिखाते हुए बच्चे या उनसे कोई जानकारी लिए बिना ही उन्हें बच्चे सहित रवाना कर दिया।

मददगारों से ऐसा सलूक फिर कोन आएगा आगे

एएसआई ने मददगारों के साथ ऐसा सलूक किया कि पहले ही लोग ऐसे मामलों में आगे आने से कतराते है और फिर थाने में ऐसा व्यवहार देखे लोगो मे डर का माहौल बनता है जिससे लोग मदद को आगे नही आ पाते है।

एएसआई बिना टोपी बेल्ड के इसलिए रोका वीडियो

वीडियो रोकने और मददगारों के साथ ऐसा व्यवहार करने का एक मुख्य कारण यह भी सामने आ रहा कि एएसआई हंसराज उस समय ना सिर पर टोपी लगाए हुए थे ना वर्दी पर बेल्ट ऐसे में लगता है उन्हें उनकी ऐसी हालत में वीडियो वायरल होने का डर था शायद इसीलिए उन्होंने, अपनी गलती छिपाने के लिए जबरन वीडियो बन्द करवाया।

वीडियो हुआ वायरल एएसआई हुए ट्रोल

जब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म ओर न्यूज़ चैनलों पर वायरल हुआ तो दिनभर एएसआई ऐसे व्यवहार को लेकर ट्रोल हुए एक यूजर ने तो लिखा ये साहब सिर्फ डोडाचूरा मामले में दौड़ते बाकी नही, तो दूसरे किसी स्थानीय ने लिखा ऐसे पुलिसकर्मी की हमें यहाँ जरूरत नही तुरन्त एसपी साहब हटाये, एक यूजर ने तो इनके हुलिए को देखकर यहाँ तक लिख दिया कि यह पुलिसवाला है या जोकर इस तरह यह एएसआई वर्दी को दागदार करते हुए ट्रोल होते रहे।

खबर चली तो चाइल्ड लाइन टीम पहुंची बस्सी

बच्चे से इस तरह व्यवहार और ऐसे अकेले बच्चे के मिलने की खबर जब दैनिक वीरधरा राजस्थान पर प्रमुखता से चलाई गई, ओर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसकी वीडियो वायरल हुई तो सोमवार को टीम बस्सी पहुंची लेकिन टीम को बच्चा नही मिला, कही ना कही पुलिस के ऐसे व्यवहार और लापरवाही की वजह से वह मासूम अब सड़को पर भटकने को मजबूर हो रहा है।

इन्होंने यह कहा

मामले को लेकर थानाधिकारी प्रेम सिह ने कहा कि मैं रविवार को गृहमंत्री मुख्यमंत्री आये थे तो उधर ड्यूटी पर था लेकिन जानकारी में आया कि वीडियो बनाने को लेकर कुछ बहस इनके बीच हुई, एएसआई ने बताया कि मामला कोतवाली थाने का था इसलिए बच्चे को वहाँ छोड़ने को बोला।

सीडब्ल्यूसी होम बस्सी के रामगोपाल ओझा ने बताया कि चाइल्ड लाइन से करण ओर टीम भी बच्चे को ढूंढने आये हमने भी ढूंढा लेकिन बच्चा नही मिला, बाकी तो स्थानीय पुलिस हमें ऐसी स्थिति में बच्चे को सौंप देती है, ओर हम भी चित्तौड़ भेजते लेकिन इस घटना में बस्सी पुलिस ने बच्चा नही सौंपा ओर ना ही अब वह बच्चा कही मिल रहा है।