किसान महापंचायत टोंक का नैनो यूरिया-डीएपी टैगिंग के खिलाफ आंदोलन तेज-2026 में व्यापारियों ने भी दिया समर्थन,

किसानों की जागरूकता से बढ़ा विरोध-20 अगस्त 2026 से आंदोलन की घोषणा

शिवराज बारवाल मीना
टोंक। स्मार्ट हलचल|किसान महापंचायत टोंक द्वारा वर्ष 2022 से किसानों के साथ कथित रूप से जबरदस्ती नैनो यूरिया, नैनो डीएपी सहित अन्य उर्वरक उत्पाद थोपे जाने के विरोध में चलाया जा रहा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। चार वर्षों तक लगातार चले जागरूकता अभियान के बाद अब व्यापारियों ने भी इस मुद्दे पर मंत्री को ज्ञापन सौंपा है तथा 20 अगस्त 2026 से आंदोलन की घोषणा की गई है।
*टैगिंग की शुरुआत पर गंभीर आरोप*
किसान महापंचायत के पदाधिकारियों का आरोप है कि टैगिंग की शुरुआत कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों एवं इफको के अधिकारियों (जिन्हें आपसी रिश्तेदारी में साला-बहनोई बताया गया है) की मिलीभगत से की गई थी।इसी व्यवस्था के तहत किसानों पर नैनो उत्पाद लेने का दबाव बनाया जाने लगा, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।
*03 अगस्त 2026 को संयुक्त निदेशक कार्यालय पर ज्ञापन*
डीएपी उर्वरक की मांग और टैगिंग व्यवस्था के विरोध को लेकर 03 अगस्त 2026 को किसान महापंचायत टोंक के पदाधिकारी संयुक्त निदेशक कृषि कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, जिससे आक्रोशित पदाधिकारी कार्यालय के बाहर ही कृषि मंत्री का पुतला तैयार कर दहन की तैयारी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख उपखंड अधिकारी टोंक मौके पर पहुंचीं और हस्तक्षेप किया।
*वार्ता के बाद लिए गए अहम निर्णय*
अगले दिन अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई, जिसमें टैगिंग, कालाबाजारी और अधिक दाम वसूली रोकने पर चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि सभी दुकानों पर संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। किसान महापंचायत द्वारा संयुक्त निदेशक कृषि के नंबर भी सार्वजनिक रूप से किसानों तक पहुंचाए गए।साथ ही यह भी आह्वान किया गया कि यदि कृषि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं तो किसान सीधे किसान महापंचायत पदाधिकारियों से संपर्क करें।
*जगह-जगह प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी*
किसान महापंचायत के युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी एवं जिला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी के नेतृत्व में कई स्थानों पर जोरदार प्रदर्शन किए गए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों को जबरन अन्य उत्पाद दिए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
*व्यापारियों का समर्थन और आंदोलन की घोषणा*
लगातार बढ़ते दबाव और किसानों की जागरूकता के चलते खुदरा व्यापारियों ने भी टैगिंग व्यवस्था का विरोध शुरू कर दिया है। इसी के चलते व्यापारियों ने रविवार को जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी को ज्ञापन सौंपा और 20 अगस्त 2026 से आंदोलन की घोषणा की।किसान महापंचायत का कहना है कि जुलाई माह से ही टैगिंग के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप किसानों ने डीएपी और यूरिया की मांग को प्रमुखता से उठाया है। किसान महापंचायत का दावा
किसान महापंचायत का दावा है कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों की रक्षा और पारदर्शी उर्वरक वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संगठन का कहना है कि उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और किसानों को किसी भी प्रकार की जबरन बिक्री या शोषण से बचाया जाएगा।