करोड़ों जन्मों के पुण्य से मिलता है भागवत कथा श्रवण का अवसर
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|माणिक्यनगर रामद्वारा में रविवार से ‘विश्व शांति कल्याण’ चातुर्मास के तहत विराट श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह एवं 108 मूल भागवत पाठ का भव्य शुभारंभ हुआ। अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के सानिध्य में हो रहे आयोजन में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे।
व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए संत मनोरथरामजी ने कहा कि करोड़ों जन्मों के पुण्य उदय होने पर ही भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलता है। भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि मन की चंचलता पर लगाम लगाने, विवेक जगाने और जीवन को आध्यात्मिक बनाने का मार्ग है। इसके श्रवण से पापों का क्षय और मन के संताप का अंत होता है।
वहीं आचार्य रामदयालजी महाराज ने वाणीजी प्रवचन में कहा कि “संत की कृपा के बिना भक्ति और मुक्ति संभव नहीं।” राम नाम और भगवंत नाम ही मन को पवित्र करने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति राम, गुरु और संतों की नजर में रहे, लेकिन कभी उनकी नजर से न गिरे। समय, सत्ता और संपत्ति का सदुपयोग करने वाला ही लोगों के दिलों पर राज करता है।
108 मूल भागवत पाठ से गूंजा रामद्वारा
पुष्कर से आए 108 वेदपाठी विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूल भागवत पाठ शुरू किया। 108 यजमान परिवारों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंत्रोच्चार से रामद्वारा परिसर भक्तिमय हो उठा। विदेशों में रह रहे श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पूजन की भी व्यवस्था की गई है।
20 सितम्बर तक चलने वाले ज्ञान महोत्सव में प्रतिदिन भागवत कथा और श्रीवाणीजी के प्रवचन होंगे। आयोजन में शामिल होने देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंचे हैं।