हाईवे के होटलों पर खाद्य विभाग का ‘छापा’ नहीं, शिकंजा!

 

आधा दर्जन होटल-रेस्टोरेंट की खुली पोल, दो को नोटिस; 14 दिन में सुधार नहीं तो लाइसेंस पर गिरेगी गाज

भीलवाड़ा( महेन्द्र नागौरी)
स्मार्ट हलचल|हाईवे पर होटल-रेस्टोरेंट चलाने वालों के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने खतरे की घंटी बजा दी है। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने भीलवाड़ा-राजसमंद नेशनल हाईवे पर ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान चलाकर होटल-रेस्टोरेंट की खाद्य गुणवत्ता और साफ-सफाई व्यवस्था जांची।
टीम ने कालिका होटल, जोगनिया रेस्टोरेंट, भरका देवी रेस्टोरेंट, हंस अंबिका नॉन वेज और श्रीराम होटल, गेरूड़ी मंगरी समेत आधा दर्जन प्रतिष्ठानों को खंगाला। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की गई।
दो प्रतिष्ठानों में मिली खामियां, थमाया नोटिस
निरीक्षण के दौरान दो प्रतिष्ठानों में खाद्य गुणवत्ता और व्यवस्थाओं से जुड़ी कमियां सामने आईं। विभाग ने तत्काल नोटिस जारी कर 14 दिन के भीतर सुधार के निर्देश दिए हैं।
साथ ही दो टूक चेतावनी—समय सीमा में सुधार नहीं हुआ तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।
खाने की गुणवत्ता से खिलवाड़ पड़ा भारी
सीएमएचओ डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
हाईवे के होटलों में विभाग की दस्तक ने साफ संकेत दे दिया है—ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ अब नहीं चलेगा।