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टोंक में अहिंसा एवं कौमी एकता पर जिला स्तरीय सम्मेलन हुआ आयोजित

राजाराम लालावत
टोंक/स्मार्ट हलचल/शांति एवं अहिंसा विभाग राजस्थान सरकार के तत्वाधान में 29 फरवरी गुरुवार को टोंक कृर्षि ऑडिटोरियम में जिला शांति एवं अहिँसा प्रकोष्ठ प्रशासन टोक द्वारा एक दिवसीय अहिँसा एवं कौमी एकता सम्मेलन आयोजित हुआ जिसमें जिले के चिन्हित महिला पुरुष प्रतिभागियों ने भाग लिया। कौमी एकता सम्मेलन में कई धर्मो के धर्म गुरुओं ने अपना उदबोधन देकर आपसी प्रेम भाई चारे से रहकर सभी धर्मों का मान सम्मान करने तथा भेदभाव छुआछूत ऊंच नीच आदि भावना का त्याग कर सदैव सच बोलने के लिए प्रेरित किया। तो महात्मा गांधी के जीवन दर्शन देश व सभी धर्मों के प्रति उनका योगदान पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। इस जिला स्तरीय कौमी एकता सम्मेलन में हिन्दू, इस्लाम,सिख,बौद्ध,ईसाइ,क्रिश्चन आदि धर्मो के धर्म गुरुओं वक्ताओं ने भाग लिया।राष्ट्र निर्माण में युवा अपनी भगीदारी निभाये वो तभी सम्भव है जब सब कौमी एकता की भावना के साथ सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चल कर नैतिक मूल्यों का सही रूप में निर्वहन कर सकेंगे।युवा और हम सब मिलके नैतिक व मानवीय मूल्यों का पतन होने से बचाये।धर्म गुरुओं ने यह भी बताया की आज के युवा अपने नैतिक मूल्यों से भटक रहे है वो अपनी भावनाओं से भ्रमित हो रहे है इस सबके लिए भी इस तरह के कौमी एकता सम्मेलन करने पड़ रहे है। युवा नशे की लत से दूर रहे तथा राज्य व केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर उनके माध्यम से बेरोजगारो आदि को जोड़ कर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमि का निभा सकते है। युवा सोशल मीडिया से भी कुछ दूर रहकर अपने समाज व परिवार तथा बड़े बुजुर्गों के लिए समय निकाले। ईसाइ धर्म गुरु ने बताया की गांधी ने बाईबिल को पढ़ा तथा कई ग्रन्थों व पुस्तकों का अध्ययन कर इस दूनिया को शांति का पाठ पढ़ाया। महात्मा गांधी ने बताया था की कौमी एकता हमें सत्य व अहिंसा की तरफ ले जाती है जो सत्य मेरा भगवान है। हम सब नफरत को त्याग कर प्रेम भाई चारे से सबको एकता का संदेश दे। कार्यक्रम के समापन पश्चात सभी प्रतिभागियों को जिला स्तरीय प्रमाण पत्र दिये गये एवं सामूहिक भोज हुआ।

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