प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं मिला तो रची हत्या की साजिश, 70 वर्षीय कमला देवी की हत्या कर 15 तोला सोना लूटा

पति का रिकवरी एजेंट था मुख्य आरोपी रवि तापड़िया, साथी के साथ मिलकर शव को पेट्रोल डालकर जलाया, हड्डियां बाल्टी में भरकर नदी में फेंकी

भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|शहर के वीर सावरकर चौक क्षेत्र में 70 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या और करीब 22 लाख रुपये के जेवरात लूटने के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग महिला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रवि तापड़िया कभी उनके पति तेज सिंह का रिकवरी एजेंट था। पति की मौत के बाद भी उसका महिला के घर आना-जाना था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने तेज सिंह से कुछ रुपये उधार भी ले रखे थे। वहीं, कमला देवी से प्रॉपर्टी में हिस्सा मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रवि को जब पता चला कि महिला ने संपत्ति अपने पोते के नाम कर दी है, तो वह नाराज हो गया। पुलिस के मुताबिक, इसी नाराजगी और अन्य कारणों के चलते उसने हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने मामले में पड़ोसी रवि तापड़िया (43) और उसके साथी हीरा सिंधी को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने पर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस आरोपियों से वारदात के संबंध में पूछताछ कर रही है। भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि 12 अक्टूबर की शाम रवि ने कमला देवी को अपने पास बुलाया। इसके बाद वह उन्हें एक्टिवा पर बैठाकर अपने मकान पर ले गया। वहां उधारी की बकाया रकम देने का बहाना बनाया और फिर कथित तौर पर उनका गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने अपने साथी हीरा सिंधी के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। आरोप है कि रात में मकान की छत पर शव पर पेट्रोल डालकर उसे जला दिया गया। अगले दिन सुबह जले हुए शव पर पानी डालकर उसे ठंडा किया गया और हड्डियां एक बाल्टी में भरकर कोठारी नदी में फेंक दी गईं। इस तरह आरोपियों ने वारदात के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस अब शव के अवशेषों और अन्य साक्ष्यों के संबंध में जांच कर रही है।
कमला देवी के सोने के झुमके, कंगन और गले का हार सहित करीब 15 तोला सोना लूटे जाने की बात भी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लूटे गए जेवरात की कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों से जेवरात की बरामदगी और वारदात में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।
इस मामले में मोहल्ले के लोगों ने मकान को लेकर भी कई चौंकाने वाली बातें बताई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब आठ साल पहले इस मकान में मनीष नाम का व्यक्ति रहता था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। लोगों का आरोप है कि बाद में रवि तापड़िया और उसके साथियों ने मकान पर कब्जा कर लिया था। हालांकि, मकान मालिक के लापता होने और उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि मकान में अक्सर देर रात तक शोर-शराबा होता था और कथित गतिविधियों के चलते आसपास के लोगों ने वहां से दूरी बना ली थी। ऐसे में मकान के भीतर क्या होता था, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। अब कमला देवी हत्याकांड के बाद इस मकान और मनीष के लापता होने से जुड़े पहलुओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है।

इनका कहना है

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे कमला देवी की संपत्ति में हिस्सा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जब उसे पता चला कि संपत्ति पोते के नाम कर दी गई है, तो वह नाराज हो गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने, लूटे गए जेवरात बरामद करने और अन्य संभावित पहलुओं की जांच में जुटी है।

भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी