पहले ज्ञापन अनसुना, अब ट्रैक्टर से कुचलने की घटना; ग्रामीणों ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार

अभ्रक माफिया और ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की चेतावनी,
मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग
भीलवाड़ा

स्मार्ट हलचल|जिले के पुर-बलियां खेड़ा गांव में कथित अभ्रक माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने और ट्रैक्टर से कुचलने की घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 5 अक्टूबर को भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो आज गांव के एक व्यक्ति की जान नहीं जाती।
ग्रामीणों की ओर से 28 अक्टूबर को जिला कलेक्टर के समक्ष दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे कथित भूमाफिया से जुड़े एक ट्रैक्टर ने गांव के एक व्यक्ति को कुचल दिया और चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रैक्टर और चालक के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें मौके से जाने दिया गया। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में कथित भूमाफिया की गतिविधियों और उनके द्वारा दी जा रही धमकियों को लेकर पहले भी प्रशासन को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। ज्ञापन में धमकी का हवाला देते हुए कहा गया कि आरोपियों की ओर से कथित तौर पर कहा जा रहा है कि आज एक व्यक्ति को मारा है, अब हर घर से एक-एक सदस्य रोज मरेगा। इस कथित धमकी से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहले ही शिकायत देकर संभावित खतरे की जानकारी दी जा चुकी थी, तो समय रहते सुरक्षा और कार्रवाई के कदम क्यों नहीं उठाए गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाना प्रशासन का कर्तव्य नहीं है? ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कथित भूमाफिया और ट्रैक्टर चालक को गिरफ्तार नहीं किया जाता तथा मृतक के परिजनों को सहायता राशि नहीं मिलती, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे और न ही शव को ले जाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सहायता और गांववासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि मामले में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक वे अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं।