ऑपरेशन उमंग-VI: ब्यावरसिटी पुलिस की बड़ी सफलता, चंद घंटों में मूक-बधिर नाबालिग को मां से मिलाया

मूक-बधिर होने के कारण नहीं बता पा रही थी पता, महिला कांस्टेबल अमृता की संवेदनशीलता और ‘भिनाय’ के इशारे ने पलटी बाजी

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष “अभियान उमंग-VI” के तहत ब्यावरसिटी थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी और मानवीय दृष्टिकोण दिखाते हुए एक गुमशुदा दिव्यांग (मूक-बधिर) नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर महज कुछ ही घंटों में उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरे रेस्क्यू और काउंसलिंग में महिला कांस्टेबल अमृता का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चली कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक (SP) श्री रतनसिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती अनुकृति उज्जेनिया के मार्गदर्शन एवं वृत्ताधिकारी (CO) श्री राजेश कसाना के निकट सुपरविजन में ब्यावरसिटी थाने के एएसआई (ASI) मेघाराम मय टीम द्वारा क्षेत्र में सघन तलाश अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 11 जून 2026 की शाम को पुलिस टीम को एक 14-15 वर्षीय नाबालिग बालिका मिली।
बोलने में असमर्थ थी बालिका, ऐसे खुला पते का राज
बालिका मूक-बधिर (बोलने और सुनने में असमर्थ) होने के कारण अपना नाम और पता बताने में पूरी तरह लाचार थी। ऐसे में ब्यावरसिटी पुलिस टीम ने धैर्य का परिचय दिया। टीम ने बालिका को विश्वास में लेकर प्यार से बात की और इशारों को समझने का प्रयास किया। जब पुलिस टीम ने ब्यावर के आस-पास के कस्बों के नाम बोलकर उसे इशारे से समझाने की कोशिश की, तो ‘भिनाय’ कस्बे का नाम सुनते ही बालिका के चेहरे पर चमक आ गई और उसने सकारात्मक इशारा किया।
त्वरित एक्शन और मां-बेटी का भावुक मिलन
सुराग मिलते ही थानाधिकारी स्तर से तुरंत बालिका की तस्वीर सोशल मीडिया और पुलिस नेटवर्क के जरिए भिनाय थाने भिजवाई गई। भिनाय पुलिस के सक्रिय सहयोग से कुछ ही समय में बालिका की मां का पता लगा लिया गया। इसके बाद बदहवास मां को तुरंत ब्यावरसिटी थाने बुलाया गया, जहां तस्दीक होने के बाद पुलिस ने लाडली को सकुशल उसकी मां की गोद में सौंप दिया।
महिला कांस्टेबल अमृता ने दिखाई संवेदनशीलता
इस पूरी काउंसलिंग और मूक-बधिर बालिका को सुरक्षित महसूस करवाकर उसकी मां से मिलवाने में ब्यावरसिटी थाने की महिला कांस्टेबल अमृता ने अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसकी क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।