ब्यावर-विजयनगर के 20 बड़े भवन मालिकों को ₹1 करोड़ की उपकर वसूली के आदेश

30 दिन में टैक्स जमा नहीं किया तो लगेगा 100% जुर्माना, जिला कलेक्टर करेंगे संपत्ति कुर्क; नामी स्कूल, होटल, रिसोर्ट और डेवलपर्स निशाने पर।

अनिल कुमार

ब्यावर।स्मार्ट हलचल।श्रम विभाग ब्यावर ने भवन निर्माण मालिकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के रियल एस्टेट और व्यावसायिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। विभाग ने ‘भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम 1996’ के तहत तय समय पर टैक्स (Cess) जमा नहीं कराने वाले 20 बड़े भवन व संस्थान मालिकों के खिलाफ एकतरफा उपकर निर्धारण आदेश जारी किए हैं। इन सभी डिफाल्टरों को लगभग एक करोड़ रुपये की बकाया राशि 30 दिनों के भीतर सरकारी खाते में जमा कराने का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है।

श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि 30 दिन की समय-सीमा के भीतर यह राशि जमा नहीं की गई, तो दोषियों पर 100 प्रतिशत पेनल्टी (जुर्माना) ठोक दी जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही बरतने पर मामलों को ‘राजस्व वसूली अधिनियम’ के तहत जिला कलेक्टर के समक्ष भेजकर संपत्ति कुर्की की अग्रिम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नक्शा पास होने के बाद भी अंतिम असेसमेंट जरूरी
विभाग ने साफ किया है कि कोई भी निर्माणकर्ता, चाहे उसने नगर परिषद या विकास प्राधिकरण से नक्शा पास करवाते समय अनुमानित उपकर जमा ही क्यों न करवा दिया हो, उसे निर्माण पूरा होने के बाद श्रम विभाग कार्यालय आकर अंतिम उपकर निर्धारण (Final Assessment) राशि जमा कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

इन 20 डिफाल्टरों और संस्थानों की खुली पोल (देखें सूची):
धर्मेन्द्र तिवाड़ी पुत्र प्रकाश तिवाड़ी, विजयनगर, रामदेव टेलर पुत्र रामपाल, विजयनगर,’स्वर्णगंगा इंफ्राडेवलपर्स’ (गणपतलाल),’आर. टेक कैपिटल होम्स’,’एकलव्य एकेडमी’ ( कमला चौहान पत्नी गोविन्द चौहान),’स्वर्णगंगा डेवलपर्स’ ( केशव कुमार पुत्र गणपतलाल),’आर. टेक कैपिटल हाईस्ट्रीट’,’लिटिल चैम्प स्कूल’,’रानीबाग रिसोर्ट’, ‘जीवन श्री रेस्टोरेंट एण्ड होटल’ ( कमला चौहान पत्नी जीवन),’जीवन श्री स्टील एण्ड ग्लास’ ( कमला चौहान), ‘घूमर होटल’ ( विरेन्द्र गुर्जर पुत्र पंछी गुर्जर),’रीगल कॉम्प्लेक्स’ ( घनश्याम दास पुत्र बंसीलाल),रामपाल सांखला पुत्र माधोलाल, ‘चौधरी Market’, ,’हितेश चिल्ड वाटर’ ( बुद्धाराम भाटी),’न्यू पूनम होटल’ (लक्ष्मण सिंह पुत्र किशनाराम),’होटल अरमान वेज एण्ड नॉनवेज’, ब्यावर,ज्योति जैन पत्नी कमल कुमार जैन, ब्यावर,पी.पी.एस. मैरिज गार्डन, ब्यावर

क्या कहता है कानून? क्यों वसूला जाता है यह टैक्स?
1% निर्माण टैक्स का नियम: राजस्थान में 27 जुलाई 2009 के बाद बने सभी सरकारी, कॉमर्शियल (व्यावसायिक) और आवासीय भवनों पर निर्माण लागत का 1 प्रतिशत उपकर लागू है। इस राशि का इस्तेमाल गरीब मजदूरों की कल्याणकारी योजनाओं (जैसे बेटी की शादी, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता) के लिए किया जाता है।

किसे छूट, किस पर शिकंजा?: जिन आवासीय घरों की कुल निर्माण लागत 10 लाख रुपये से कम है, उन्हें इस टैक्स से पूरी छूट है। लेकिन 10 लाख से अधिक की लागत वाले घरों और सभी व्यावसायिक भवनों (दुकान, मॉल, होटल, स्कूल) पर 1% उपकर देना ही होगा।

रजिस्ट्रेशन न कराने पर 24% ब्याज: निर्माण शुरू करने के 30 दिनों के भीतर श्रम विभाग को सूचना देना और 60 दिनों के भीतर विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भारी जुर्माना वसूला जाता है।