अतिक्रमण की गिरफ्त में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीजों और एम्बुलेंस की राह बनी मुश्किल

ज्ञापनों और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

सुरज वर्मा
स्मार्ट हलचल।फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्र में होटल, केबिन तथा अस्थायी थड़ियों के कारण मरीजों, परिजनों और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई बार एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही तक प्रभावित हो जाती है।
करीब 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित यह प्रमुख चिकित्सालय आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल के बाहर फैले अतिक्रमण के कारण उन्हें असुविधा और जाम जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। अस्पताल के सामने से गुजरने वाले केकड़ी-जयपुर मुख्य मार्ग और समीप स्थित व्यस्त चौराहे पर दिनभर भारी यातायात रहने से हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल परिसर के आसपास बढ़ते अतिक्रमण को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सत्यनारायण शर्मा ने भी स्वीकार किया कि मुख्य द्वार पर हुए अतिक्रमण से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन एवं जिला स्तर के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के विधानसभा अध्यक्ष मुकेश जाट ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि पूर्व में दिए गए ज्ञापन के अनुसार यदि सात दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो ग्रामीणों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरीजों और आमजन की सुविधा को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान के मुख्य द्वार पर लंबे समय से बने अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो किसी भी दिन आपातकालीन स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में शीघ्र कार्रवाई कर अस्पताल परिसर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग की है।