पांचना बांध विवाद में शांति एवं भाईचारा बनाए रखें: आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत

नीरज मीणा

महवा।स्मार्ट हलचल/आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत ने पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़े जाने को लेकर पिछले कुछ समय से उत्पन्न तनावपूर्ण परिस्थितियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए समस्त किसानों, युवाओं, कमांड एरिया के निवासियों तथा सभी समाजों से शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
दिनांक 10 जुलाई 2026 को आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत के प्रमुख पदाधिकारियों, सेवादारों एवं कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक कॉन्फ्रेंस महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। करीब एक घंटे तक चले विस्तृत विमर्श में पांचना बांध से जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों, कमांड एरिया के किसानों की मांग, न्यायालय के आदेश, जनाक्रोश तथा मीडिया और सोशल मीडिया पर बढ़ती भड़काऊ बयानबाजी पर गंभीरतापूर्वक विचार किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा ने बताया कि विमर्श में इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की गई कि किसानों के सिंचाई और पानी से जुड़े एक गंभीर विषय को कुछ लोगों द्वारा गुर्जर बनाम मीणा संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों समुदायों के कुछ लोगों द्वारा की जा रही अशिष्ट, असंसदीय, अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां वर्षों पुराने सामाजिक भाईचारे को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
महापंचायत का स्पष्ट मत है कि पांचना बांध और उसकी नहरों में पानी छोड़े जाने का विषय किसानों, सिंचाई व्यवस्था, कमांड एरिया और न्यायिक आदेशों के पालन से जुड़ा विषय है। इसे किसी भी स्थिति में दो समाजों के बीच जातीय संघर्ष का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।
महापंचायत ने कहा कि कमांड एरिया में किसी एक जाति या समुदाय के लोग नहीं, बल्कि विभिन्न समाजों के किसान और परिवार निवास करते हैं। पानी किसान की आवश्यकता है और सिंचाई का प्रश्न खेती, फसल तथा किसान परिवारों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस विषय पर जातीय उत्तेजना फैलाना समस्या के समाधान के बजाय परिस्थितियों को और अधिक गंभीर बनाएगा।
आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत समस्त आक्रोशित किसानों और विशेष रूप से युवाओं से आग्रह करती है कि वे अपने संवैधानिक एवं न्यायसंगत अधिकारों के प्रति सजग रहें, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा, कानून-विरोधी गतिविधि, जातीय टिप्पणी, अपमानजनक भाषा अथवा भड़काऊ सोशल मीडिया अभियान का हिस्सा न बनें।
महापंचायत ने सभी पक्षों से यह भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी समाज, समुदाय अथवा उसके लोगों के विरुद्ध अनर्गल और उत्तेजक टिप्पणियां तत्काल बंद की जाएं। असहमति और विरोध लोकतांत्रिक अधिकार हैं, लेकिन किसी पूरे समाज को अपमानित करना अथवा दो समुदायों को आमने-सामने खड़ा करने वाली भाषा का प्रयोग किसी भी पक्ष के हित में नहीं है।
महापंचायत का मानना है कि शासन और प्रशासन का दायित्व है कि वह न्यायालय के आदेशों तथा कानून के अनुरूप पांचना बांध से जुड़े विवाद का निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करे। लंबे समय से चली आ रही समस्या को अनिश्चितता में बनाए रखना जनाक्रोश और सामाजिक तनाव को बढ़ा सकता है।
महापंचायत ने स्पष्ट किया कि गुर्जर और मीणा समाज सहित पूर्वी राजस्थान के सभी समुदाय पीढ़ियों से सामाजिक, पारिवारिक और क्षेत्रीय भाईचारे के साथ रहते आए हैं। पानी का कोई विवाद इस ऐतिहासिक भाईचारे से बड़ा नहीं हो सकता। कुछ व्यक्तियों की उत्तेजक टिप्पणियों को किसी पूरे समाज की भावना नहीं माना जाना चाहिए।
आदिवासी मीणा पंच पटेल महापंचायत समस्त किसानों, युवाओं और सभी पक्षों से पुनः अपील करती है—
*“अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएं, लेकिन सौहार्द एवं भाईचारा न टूटने दें। शांति और धैर्य बनाए रखें तथा सोशल मीडिया पर संयम रखें। अफवाह, अपमान और भड़काऊ बयानबाजी से बचें। पांचना बांध के पानी का विषय किसानों और सिंचाई से जुड़ा विषय है—इसे जातीय संघर्ष न बनने दें।”*
महापंचायत ने मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों से भी आग्रह किया है कि वे पांचना बांध विवाद को *“गुर्जर बनाम मीणा”* संघर्ष के रूप में प्रस्तुत करने से बचें तथा शांति, संवाद और समाधान को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
टेलीफोनिक कॉन्फ्रेंस में महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा के अलावा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा, प्रदेश प्रवक्ता रूपसिंह गोरेहार, प्रदेश वाद पंजीयक एवं करौली जिला अध्यक्ष हीरालाल मीणा, अलवर जिला अध्यक्ष कमल सिंह मीणा, भरतपुर जिला अध्यक्ष भजन लाल मीणा, दौसा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा हिंगोटा, धौलपुर जिला अध्यक्ष रामभरोसी मीणा एवं रमेशचंद मीणा हिंगोटा सहित अनेक महत्वपूर्ण पदाधिकारियों, सेवादारों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।