जीजीआईसी का औचक निरीक्षण, छात्राओं से पूछे सवाल, गौस की प्रमेय हल कराकर परखी विषय की समझ
भौतिकी, रसायन व जीव विज्ञान से पूछे प्रश्न, विजुअलाइजेशन आधारित शिक्षण पर दिया जोर
लखीमपुर खीरी। स्मार्ट हलचल|शिक्षा की गुणवत्ता को परखने के उद्देश्य से डीएम अंजनी कुमार सिंह ने मंगलवार को राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। डीएम सीधे इंटरमीडिएट की कक्षा में पहुंचे और अगले ही पल शिक्षक की भूमिका में नजर आए। स्मार्ट बोर्ड ऑन कराया, चॉक की जगह डिजिटल पेन थामा और फिजिक्स का पाठ पढ़ाते हुए छात्राओं की विषय पर पकड़ परखी।उन्होंने छात्राओं से विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर उनकी अवधारणाओं का परीक्षण किया तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष बल दिया।
डीएम ने छात्रा माही एवं अंशिका से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे। इसके बाद सौम्या गुप्ता, माही रस्तोगी, अंशिका वर्मा एवं अनामिका वर्मा को गौस की प्रमेय हल करने के लिए कहा। छात्राओं द्वारा आत्मविश्वास के साथ प्रश्न हल करने पर उन्होंने उनकी सराहना की और विषय की बारीकियों को सरल तरीके से समझाया।
कक्षा में मौजूद शिक्षकों एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रटना नहीं, बल्कि विषय को समझना और उसे व्यवहार में उतारना होना चाहिए। विषयों को विजुअलाइज कर पढ़ाने से विद्यार्थियों की अवधारणाएं मजबूत होती हैं और उनमें सीखने की स्वाभाविक रुचि विकसित होती है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि कठिन विषयों को भी सरल, रोचक एवं प्रयोगात्मक पद्धति से पढ़ाया जाए, ताकि छात्राएं बिना किसी भय के विषय को आत्मसात कर सकें।
डीएम ने छात्राओं के सपनों को भी टटोला। बायोलॉजी वर्ग की छात्राओं से पूछा कि कौन-कौन डॉक्टर बनना चाहती हैं, जबकि गणित वर्ग की छात्राओं से इंजीनियर बनने की इच्छा जानी। कहा कि बड़ा सपना ही बड़ी सफलता की पहली सीढ़ी होता है। स्पष्ट लक्ष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सफलता का आधार है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्मार्ट बोर्ड के साथ कक्षा में ब्लैकबोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि डिजिटल और पारंपरिक दोनों माध्यमों का प्रभावी उपयोग हो सके। प्रधानाचार्य शालिनी दुबे से नामांकन के सापेक्ष छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिए।
