पीएम श्री विद्यालयों की महक समाज तक पहुंचे, गुणवत्ता से समझौता नहीं: भारद्वाज

उदयपुर 31 जुलाई
स्मार्ट हलचल|पीएम श्री विद्यालयों को समाज में एक उत्कृष्ट पहचान दिलानी होगी।इन स्कूलों की महक हर घर तक पहुंचनी चाहिए। इन विद्यालयों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करें, जहां गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह बात समग्र शिक्षा उदयपुर के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) कुंज बिहारी भारद्वाज ने कही। वे पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधानों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

एडीपीसी भारद्वाज ने बैठक में स्पष्ट किया कि विद्यालय स्तर पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि का व्यवस्थित अभिलेख (रिकॉर्ड) संधारित किया जाए। उन्होंने सभी संस्था प्रधानों को शिक्षा विभाग के हर दिशा-निर्देश का गहराई से अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो सके। बैठक में ‘शिक्षा सेतु अभियान’ की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने ‘प्रशस्त’ ऐप के माध्यम से शिक्षकों को सक्रिय करने की बात कही। इसके साथ ही हर विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास की मॉनिटरिंग के लिए ‘चाइल्ड पोर्टफोलियो’ तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे बच्चों में 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास किया जा सके।
भारद्वाज ने कहा कि स्कूल का माहौल ऐसा हो कि बालक सुबह खुशी-खुशी स्कूल आने के लिए प्रेरित हो। इसके लिए स्कूलों में प्रभावी और आकर्षक प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए इस संबंध में पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए। अंत में सभी संस्था प्रधानों को अपने-अपने विद्यालय को ‘श्रेष्ठ विद्यालय’ बनाने का संकल्प दिलाया गया।
इससे पूर्व प्रभारी एपीसी कन्हैया लाल सुथार ,राजेंद्र प्रसाद नायक कार्यक्रम अधिकारी पंकज कलाल, त्रिभुवन चौबीसा तथा पूर्व प्रभारी पीओ ओमप्रकाश विश्नोई ने पीएम श्री विद्यालयों की गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा की। इस अवसर पर पीएम श्री विद्यालयों की ओर से सलूंबर के संस्था प्रधान भगवान लाल त्रिवेदी,दोलपुरा के भरत चौबीसा, करदा के सुनील रावल, काया के कृष्णकांत शर्मा, कालीभीत के सुरेश बुढ़ानिया, झल्लारा की ऋचा रूपल, छाणी के जयकृष्ण रावल,सुखेर की माया जाटव,वासनी माफी की मंजू पालीवाल ने भी विचार व्यक्त करते स्टाफ संबंधी कठिनाइयों का उल्लेख किया,इस पर एडीपीसी द्वारा सक्षम स्तर से उचित आदेश जारी कराने का भरोसा दिलाया।संस्था प्रधानों की ओर से राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा विभिन्न गतिविधियों के लिए जारी होने वाली संपूर्ण राशि 31 जनवरी तक कर लेने की भी आवश्यकता जताई ताकि गतिविधियों की क्रियान्विति सही तरीके की जा सके।