प्रतापपुरा में पंचमुखी बालाजी की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न, महाप्रसादी में उमड़े हजारों भक्त

बंसीलाल धाकड़

छोटीसादड़ी, स्मार्ट हलचल|क्षेत्र के प्रतापपुरा गाँव में नवनिर्मित श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन पूर्ण आहुति और महाप्रसादी के साथ हुआ। पांच दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार और बालाजी के जयकारों से गुंजायमान रहा। अंतिम दिन शुभ मुहूर्त में नवनिर्मित शिखर पर कलश, ध्वजा और गर्भगृह में मूर्तियों की स्थापना विधि-विधान से संपन्न की गई। पांच दिवसीय यज्ञ-हवन और वैदिक अनुष्ठान इस महोत्सव के तहत पिछले पांच दिनों से मंदिर परिसर में विशेष यज्ञ-हवन का आयोजन किया जा रहा था। विद्वान पंडितों के सानिध्य में यजमानों ने आहुतियां देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पांचवें दिन यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मंत्रोच्चार के साथ देव विग्रहों का जलाधिवास, अन्नाधिवास कराकर प्राण प्रतिष्ठा की रस्म पूरी की गई। शिखर पर कलश-ध्वजा और देव मूर्तियों की स्थापना धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मुख्य नवनिर्मित मंदिर और पुराने हनुमान मंदिर पर दानदाताओं व लाभार्थियों द्वारा कलश, ध्वजा व मूर्तियाँ स्थापित की गईं: नवनिर्मित पंचमुखी बालाजी मंदिर: स्वर्ण कलश स्थापना: शौकीन धाकड़ (पिता रामचंद्र जी धाकड़) द्वारा मंदिर के मुख्य शिखर पर कलश स्थापित किया गया। धर्म ध्वजा आरोहण: रामेश्वर धाकड़ (पिता सुखलाल जी धाकड़) द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ ध्वजा फहराई गई। पंचमुखी बालाजी मूर्ति: रामेश्वर रावत (पिता देवीलाल जी रावत) ने मुख्य गर्भगृह में बालाजी की भव्य प्रतिमा स्थापित की। शिव परिवार मूर्ति: मुकेश धाकड़ (पिता डालचंद जी धाकड़) द्वारा शिव जी की प्रतिमा सविधि स्थापित की गई। प्राचीन हनुमान मंदिर: कलश स्थापना: रामेश्वर लाल धाकड़ (पिता भेरुलाल जी धाकड़) ने पुराने मंदिर के शिखर पर कलश रखा।
ध्वजा स्थापना: जगदीश चंद्र धाकड़ (पिता सुखलाल जी धाकड़) द्वारा ध्वजा चढ़ाई गई। बैंड-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा और उत्साह प्रतिष्ठा के दौरान प्रतापपुरा गाँव में उत्सव जैसा माहौल देखा गया। बैंड-बाजे की मधुर धुनों, ढोल- नगाड़ों और भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके। ग्रामीणों ने जगह- जगह पुष्प वर्षा कर इस धार्मिक आयोजन का स्वागत किया। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। विशाल महाप्रसादी का आयोजन धार्मिक कार्यक्रम के सफल समापन के बाद मंदिर समिति और ग्रामीणों के सहयोग से एक विशाल भंडारे (महाप्रसादी) का आयोजन किया गया। इस महाप्रसादी में प्रतापपुरा सहित आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग भक्तजन पहुंचे। सभी श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की और पंचमुखी बालाजी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।