जन्म से कच्चे मकान में रह रहे हैं” फिर भी काट दिया नाम, मिलने वाले को बांटे आवास
*ग्राम पंचायत सेथुरिया में नियम तार-तार, सूची तक नहीं चस्पा*
(बद्री लाल माली)
गुरला:-स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत सेथुरिया के सोपुरा गांव में मजाक बना दिया गया। योजना का उद्देश्य था “2026 तक हर गरीब को पक्का घर”। लेकिन यहां हुआ इसका उल्टा।पात्र गरीबों को योजना से बाहर कर दिया गया और अपात्रों व रिश्तेदारों को लाखों का लाभ पहुंचा दिया गया। पूरे खेल में पारदर्शिता के सारे नियम ताक पर रख दिए गए।
*”हम जन्म से कच्चे मकान में हैं, फिर भी नाम नहीं”*
ग्राम पंचायत *सेथुरिया के सोपुरा गांव* निवासी *नाना देवी रतन पुरी गोस्वामी* व *शान्ति देवी भैरुं पुरी गोस्वामी* की आंखें भर आईं।
उन्होंने बताया _”साहब हमारा पूरा खानदान जन्म से ही कच्चे मकान में रह रहा है। बरसात में जगह-जगह से पानी टपकता है। बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। हमने कई बार प्रधानमंत्री आवासीय योजना ग्रामीण के लिए आवेदन किया। पंचायत में लेकिन जब फाइनल सूची आई तो उसमें हमारा नाम ही गायब था।”_ उनका आरोप है कि उनके जैसे दर्जनों पात्र परिवारों को जानबूझकर सूची से बाहर किया गया।
*”अनाथ हूं, फिर भी पात्रता से वंचित”*
सोपुरा के कन्हैया पुरी ने बताया कि बचपन से ही अनाथ हैं। कच्चे मकान में परिवार के साथ रहते हैं। प्रधानमंत्री आवासीय योजना ग्रामीण के लिए पात्रता के सारे मापदंड पूरे करने के बावजूद उनका नाम सूची से गायब है।
_”सरकार से आस लगाई थी कि एक पक्का घर मिलेगा। लेकिन यहां भी अपनों की सिफारिश चलती है। हम जैसे गरीबों की कोई नहीं सुनता”_ – कन्हैया पुरी
*सूची नहीं चस्पा*: नियम कहता है चयनित सूची 15 दिन पंचायत पर लगे।सेथुरिया पंचायत में आज तक नहीं लगी। *ग्राम सभा दिखावा*: बैठक हुई लेकिन आम जनता को बुलाया ही नहीं गया। सिर्फ कागजों में खानापूर्ति।
*अपात्रों को लाभ*: जिनके पहले से पक्के मकान हैं, उनके नाम जोड़ दिए गए। *पात्रों को हटाया*: असली गरीब, विधवा, दिव्यांग और कच्चे मकान वालों के नाम काट दिए गए।
*आरोप: कमीशन का खेल* ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह पूरा खेल “कमीशन” के लिए हुआ। अपात्रों से पेसे लेकर उनके नाम जोड़े गए और इसी लालच में असली हकदार ठंड, गर्मी और बरसात में कच्चे मकानों में सड़ने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग सोपुरा सहित आसपास के गांवों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जांच नहीं हुई तो कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा।पीड़ितों ने जिला कलेक्टर भीलवाड़ा, CEO जिला परिषद और मंत्री महोदय से मांग की है कि सेथुरिया पंचायत की प्रधान मंत्री ग्रामीण आवासीय योजना ग्रामीण। की जांच करवाई जाए। सरपंच, सचिव और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और पात्रों को तुरंत आवास आवंटित किए जाएं।
