प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया समर्थन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। राजस्थान के निजी विद्यालयों की विभिन्न लंबित मांगों के समाधान को लेकर 15 जुलाई 2026 को प्रदेशभर में एक दिवसीय महा-आंदोलन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन के तहत जिले सहित पूरे राजस्थान के निजी विद्यालय एक दिन के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे। प्राइवेट School एसोसिएशन, चित्तौड़गढ़ ने भी इस राज्यव्यापी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सभी निजी विद्यालयों से सहभागिता की अपील की है।
एसोसिएशन के अनुसार सरकार के समक्ष लंबे समय से कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिनका अब तक समाधान नहीं हो सका है। इनमें पिछले चार वर्षों से लंबित प्री-प्राइमरी (पीपी) कक्षाओं का सरकारी भुगतान जारी करना, वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप आरटीई यूनिट कॉस्ट में वृद्धि, न्यायालय के आदेशानुसार आरटीई पुनर्भरण राशि का समयबद्ध भुगतान तथा आरटीई के तहत पुस्तकों की राशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में हस्तांतरित करना प्रमुख मांगें हैं।
संगठन ने स्पष्ट किया कि 15 जुलाई का बंद सांकेतिक होगा। यदि सरकार मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को आगे अनिश्चितकालीन बंद का स्वरूप दिया जा सकता है।
एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया है कि मांगों के समाधान नहीं होने की स्थिति में प्रस्तावित ‘राज्य शाला संबल’ जांच अभियान का भी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से बहिष्कार किया जाएगा। संगठन का कहना है कि विद्यालयों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
आंदोलन के तहत 15 जुलाई को जिले के सभी निजी विद्यालय बंद रहेंगे। निजी विद्यालय संचालक, शिक्षक, कर्मचारी एवं अभिभावकों के प्रतिनिधि जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर जिला कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल निजी विद्यालय संचालकों का नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों के भविष्य तथा निजी विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा का भी आंदोलन है।
