पावटा, स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 101 वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को पावटा के स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन निकाला गया। स्वयंसेवकों ने घोष की ताल पर कदम से कदम मिलाते हुए अनुशासन एवं सामूहिकता का संदेश दिया। पथ संचलन कस्बे के आदर्श विद्या मन्दिर से प्रारम्भ होकर नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः विद्या मन्दिर जाकर समापन हुआ। कस्बे वासियों ने भारत माता का जयघोष लगाते हुए जगह – जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इससे पूर्व विद्या मन्दिर परिसर में आयोजित विजयादशमी उत्सव पर जिला बोद्धिक प्रमुख नवनीत गौड़ ने बोलते हुए विजयादशमी के महत्व एवं संघ स्थापना की परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए हिन्दू समाज को जागरूक एवं संगठित होने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज को संगठित करने के उद्देश्य को लेकर सन 1925 में डाॅक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। जिसके बाद पूरे देशभर में संघ का विस्तार हुआ और आज वट वृक्ष बन गया है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रहित सर्वोपरि के भाव साथ काम कर रहे हैं। देश व समाज के सामने आज कई चुनौतियां खडी है। उनका समाधान करना केवल शासन की ही जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज को भी एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होने कहा कि समाज को पंच परिवर्तन अपने व्यवहार में लाना होगा। जिसमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली, पारिवारिकता को बढावा देने के लिए परिवार जागृति पर जोर देना, जीवन के सभी पहलुओ में भारतीय मूल्यों पर आधारित ॑ स्व ॑ की भावना पैदा करवाई और नागरिक कर्तव्यों के पालन के लिए सामाजिक जागृति शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान शस्त्र पूजन कर शक्ति की आराधना की गई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने पावटा कस्बे के मुख्य मार्गो से पथ संचलन निकाला। इस दौरान खण्ड कार्यवाह रघु मिश्रा, सह खण्ड कार्यवाह गोवर्धन प्रजापति, राजेन्द्र कुमार यादव, रामसिंह जाट, मुकेश सोनी, अशोक मंगल, कुंजीलाल गुप्ता, आनंद टांक, मालीराम बंसल, प्रदीप पंसारी, मनीष सैन, शिशराम जाट, शुभम शर्मा, तनुज शर्मा, भविष्य शर्मा, केशव शर्मा, रूद्रांश मुद्गल, योगेश सोनी, पंकज गुप्ता, गजाधर सिंह सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।